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Champawat News: जब नीच निशाचर पाप करें तब, नर हरि रूप प्रभु आप धरें....

Tue, 08 Oct 2024 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत। चंपावत की रामलीला 142वें वर्ष में प्रवेश कर गई है। नागनाथ मंदिर के पास रामलीला का सोमवार रात पुरोहित पंकज पांडेय ने मंत्रोच्चारण के साथ श्रीगणेश किया। यजमान कोषाध्यक्ष रामलीला समिति और व्यापार संघ अध्यक्ष विकास साह ने पूजा-पाठ कर शुरुआत की।
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पहले दिन नटी-सूत्रधार संवाद मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। रावण के हिमालय पर्वत हिलाने से नारद-रावण संवाद तक की लीलाओं का मंचन हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व सभासद रोहित बिष्ट रहे। सूत्रधार के पात्र का अभिनय जगदीश पचौली, नटी और पार्वती का अभिनय बृजेश गोस्वामी, शिवजी का अभिनय कुलदीप मिश्रा, रावण का अभिनय दिनेश त्रिपाठी ने किया। रामलीला समिति अध्यक्ष भगवत शरण राय ने बताया कि रामलीला मंचन की खास बात यह है कि हर दिन की लीला में तबला वादक इमाम बख्श की ताप होती है। वह करीब 35 वर्ष से तबला वादन कर रहे हैं। मेकअप आर्टिस्ट अशोक वर्मा, सुधीर साह, मुक्तेश पचौली, भानू तड़ागी, सुदर्शन साह, नवीन वर्मा, रितेश राय आदि मौजूद रहे। संचालन हीराबल्लभ पल्साईं, अधिवक्ता गौरव पांडेय ने किया। संवाद


स्वाला में रामलीला शुरू



चंपावत। ग्राम पंचायत स्वाला में रामलीला के पहले दिन रावण का कैलाश पर्वत को उठाकर लंका ले जाने से लेकर राम जन्म तक की लीला का मंचन किया गया। मंडल अध्यक्ष नवीन भट्ट ने रामलीला का शुभारंभ किया। राम की भूमिका सूरज भट्ट, लक्ष्मण की भूमिका उमेश भट्ट, सीता की भूमिका सुमित भट्ट, रावण की भूमिका तुलसी दत्त भट्ट ने निभाई। प्रधान ममता भट्ट ने सभी का आभार जताया। यहां समिति अध्यक्ष हेम चंद्र भट्ट, व्यवस्थापक जगदीश भट्ट, नित्यानंद भट्ट, जगदीश भट्ट सहित अन्य लोग सहयोग कर रहे हैं।
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कैकई-मंथरा संवाद और राम ने वन को किया प्रस्थान
टनकपुर (चंपावत)। नगर के गांधी मैदान में कैकई-मंथरा संवाद से केवट प्रसंग तक की लीला देखने लोग उमड़े।
नगर में नव युवक रामलीला कमेटी ओर से आयोजित रामलीला मंचन में पांचवें दिन कैकेई-मंथरा संवाद, कैकेई-दशरथ संवाद, लक्ष्मण-मंथरा संवाद के साथ ही राम वनवास और केवट प्रसंग तक की लीला का मंचन किया गया। इससे पहले मुख्य अतिथि कपिल भार्गव ने रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इस दौरान संजय पांडे, मयंक पंत, नीरज सिंह, विशाल कुमार अग्रवाल, अमित परवेज, संजय अग्रवाल, प्रतिभा अग्रवाल, कल्पना आर्य आदि मौजूद रहे। इधर, उत्तरांचल रामलीला समिति ज्ञान खेड़ा में रामलीला मंचन के पांचवें दिन कैकई-दशरथ संवाद, राम-कैकई संवाद तक की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान समिति अध्यक्ष अंबादत्त पंत, सचिव भरत मोनी, उप सचिव मुकेश जोशी, तपन गड़कोटी, ललित उप्रेती, हरिओम सेठी आदि मौजूद रहे।
अति आनंद उमगी अनुरागा, चरन सरोज पखारन लागा
बनबसा (चंपावत)। बनबसा के गढ़ीगोठ, पचपकरिया और बनबसा की रामलीला का मंचन जारी है। गढ़ीगोठ की रामलीला में दशरथ-कैकई संवाद से राम वनवास तक की लीला का मंचन किया गया। दशरथ का पात्र सचिन सामंत, कैकई दिनेश कुमार, राम का प्रियांशु ऐरी, लक्ष्मण करन सामंत, सीता का रोशन भट्ट ने निभाया। पचपकरिया की रामलीला में सुमंत दशरथ मिलन, दशरथ मरण, केवट और भगवान श्रीराम संवाद तक की लीला का मंचन हुआ। दशरथ की भूमिका वैभव मुरारी, कैकई की भूमिका सुहानी, सुमंत की भूमिका मनीष कापड़ी, केवट की भूमिका जतिन चंद, भरत की भूमिका कमलेश जोशी, राम की भूमिका काव्य भट्ट, लक्ष्मण की भूमिका मानव भट्ट ने निभाई। बनबसा रामलीला में निषाद राज केवट की राम से भेंट और नदी पार कराना, दशरथ मरण तक की लीला का मंचन हुआ। दशरथ का पात्र केवल पांडेय, सुमंत का पात्र प्रकाश गोस्वामी ने निभाया। हारमोनियम पर रवि राज और तबले पर संदीप कुमार ने संगत दी। संवाद
पिता की आज्ञा पाकर सीता-लक्ष्मण संग वन को चले श्रीराम


लोहाघाट (चंपावत)। नगर लोहाघाट में 124वें वर्ष की रामलीला के पांचवें दिन दशरथ मरण से लेकर भरत का वन में राम से मिलन तक की लीला का मंचन किया गया। श्रीराम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी अध्यक्ष जीवन मेहता की अध्यक्षता और शिक्षक नरेश राय के संचालन में आयोजित रामलीला में राजा दशरथ की आज्ञा लेकर राम-लक्ष्मण और सीता का वन को जाना, अयोध्या में राम के वियोग में दशरथ की मृत्यु होना, भरत-कैकई और शत्रुघ्न-मंथरा संवाद की लीला का मंचन किया गया। भरत का अभिनय जतिन पुनेठा, शत्रुघ्न का अभिनय कार्तिक धामी, राम का अभिनय नवनीत पांडेय, लक्ष्मण का अभिनय हृदयांश पांडेय, सीता का अभिनय प्रज्ञा मेहता, केवट का अभिनय कमल ओझा, दशरथ का अभिनय जगदीश जोशी, कैकई का अभिनय जितेंद्र पुनेठा और वशिष्ठ का अभिनय जीवन कलौनी ने किया। इस मौके पर किरन पुनेठा, रेखा पुजारी, पूजा कलखुड़िया, कमला पुनेठा, सरोज पुनेठा भावना कलौनी आदि मौजूद रहीं।

शिव धनुष का भंजन कर श्रीराम सीता का हुआ विवाह



लोहाघाट (चंपावत)। बिशंग के कर्णकरायत में रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर तक की लीला का मंचन किया गया। रामलीला कमेटी अध्यक्ष कैलाश फर्त्याल की अध्यक्षता में आयोजित रामलीला में सीता स्वयंवर में देश-विदेश के राजाओं को आमंत्रित करना, स्वयंवर में महाबली बाणासुर और रावण का पहुंचना, राम का धनुष तोड़ने के बाद लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन, श्रीराम-सीता विवाह की लीला का मंचन किया गया। आयोजन में उमेश मुरारी, सुरेश करायत, राजेंद्र फर्त्याल, महेश मुरारी, त्रिलोचन मुरारी, कैलाश मेहरा, राजू फर्त्याल, रोहन बिष्ट आदि सहयोग कर रहे हैं।
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