हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बने कालू सैय्यद बाबा की मजार पर चल रहे तीन दिनी उर्स में खटीमा से आए कव्वालों ने शानदार कलाम पेश कर माहौल सूफियाना कर दिया। देर शाम तक विभिन्न स्थानों से आए अकीदतमंदों ने बाबा की मजार पर चादरपोशी की।
शनिवार रात खटीमा के शारिक सिराज चिश्ती कव्वाल और उनके साथियों ने बाबा की शान में कई कलाम पेश किए। कव्वालों की प्रस्तुति मेरा ईमान नबी है, नबी मेरी जान नबी है..., मेरे ख्वाजा के जैसा कोई नहीं..., मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं, भर दो झोली मेरी या मोहम्मद, दमादम मस्त कलंदर की प्रस्तुति खूब सराही गई।
वक्फ बोर्ड के जिला सदर बाबा हसमत ने जायरीनों को आशीर्वाद देने के साथ मुल्क की तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। उर्स में चंपावत, पिथौरागढ़, पीलीभीत, खटीमा, रानीखेत, अल्मोड़ा, बरेली, जौलजीबी आदि जगहों से सैकड़ों जायरीन पहुंचे। थानाध्यक्ष मनीष खत्री के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा।
इस मौके पर जावेद यार खां, डॉ. योगेश चतुर्वेदी, नजर सिद्दीकी, हरचरन सिंह, बल्लू माहरा, दीपक जोशी, रईस हुसैन, रफीक अहमद, रहमत हुसैन, दानिश, अतीक कुरैशी, रहमत हुसैन, शैलू, जाहिद सिद्दीकी, बन्नू कुरैशी आदि मौजूद रहे।