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बीमारी से 50 बीघा भूमि पर बोई फसल खराब

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बनबसा के सुदूरवर्ती गढ़ीगोठ में अज्ञात बीमारी से खराब हुई धान की फसल। संवाद - फोटो : TANAKPUR
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बनबसा (चंपावत)। इस वर्ष क्षेत्र में धान की फसल अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से खराब हो चुकी है। गढ़ीगोठ के गुदमी और देवीपुरा में 40 से 50 बीघा भूमि पर बोई धान की फसल को बीमारी ने नष्ट कर दिया है। बीमारी की वजह से धान पीला पड़ने के बाद बौना होकर खेतों में गिर रहा है। किसानों ने शासन-प्रशासन से किसान को हो रहे नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
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गुदमी के किसान भगवान सिंह, लाल सिंह, साधना सामंत, पूजा देवी, शीला देवी आदि ने बताया कि उनकी करीब 40 से 50 बीघा भूमि पर बोई धान की फसल बीमारी की वजह से नष्ट हो गई है। कृषि मंडी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष जसवंत सिंह बसेड़ा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भी भेजा है।
उधर देवीपुरा के प्रधान दीपक प्रकाश चंद एवं गुदमी की प्रधान विनीता राणा ने पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। जिला कृषि अधिकारी गोपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि विशेषज्ञों ने सैंपल लिए हैं जिसका परीक्षण चल रहा है। किसानों के नुकसान को लेकर शासन स्तर पर ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है उन्हें बीमा कंपनी से संपर्क करने की सलाह दी है।
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बीमारी से खराब हुई धान की फसल का मुआवजा दिलाने की मांग
टनकपुर (चंपावत)। किसानों और ग्रामीणों ने एसडीएम हिमांशु कफल्टिया को ज्ञापन सौंपकर धान की फसल खराब होने से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। क्षेत्र पंचायत सदस्य गीता सेठी के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि इस वर्ष जहां अज्ञात बीमारी की वजह से ग्राम ज्ञानखेड़ा, मोहनपुर, आमबाग में धान की फसल खराब हुई है वहीं बरसात से बची फसल भी नष्ट हो गई है जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। फसल खराब होने से उत्पादन भी काफी कम होने का अंदेशा है। उन्होंने प्रशासन से खेतों का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। ज्ञापन में प्रधान मोहनी चंद, राधिका चंद, नरी राम, किशोर चंद, गोवर्धन पंत, कृपाल पंत, मोहन चंद, जगदीश चंद, गिरीश भट्ट ,कमला भट्ट, हरिओम सेठी, दीपक चंद, दीपक पचौली, सतीश चंद, सुभाष चंद, दिनेश चंद आदि के हस्ताक्षर हैं।
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