लोहाघाट (चंपावत)। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से खतेड़ा गांव में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। पेयजल किल्लत के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण गाड़-गधेरों के दूषित पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने पेयजल योजना को शीघ्र ठीक न करवाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधान महेश डांगी, सामाजिक कार्यकर्ता पवन डांगी का कहना है कि 1979 में गांव के लिए चुर्राखोला स्रोत से ढाई किमी लंबी पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। इससे नसखोला, डांगी गांव खतेड़ा, खतेड़ा, डांगी गांव नसखोला के लिए जलापूर्ति होती थी, लेकिन करीब दो वर्ष से पेयजल योजना क्षतिग्रस्त है।
तब से नलों में महज 15-20 मिनट ही पानी आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल योजना टूटने की सूचना जल संस्थान के अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन विभाग ने योजना को नहीं सुधारा है। लोग दो किमी दूर द्योलकूड़ा गधेरे, नौलों से पानी ढोकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
ग्रामीण प्रकाश चंद्र जोशी, नाथ सिंह, त्रिलोक सिंह, हरीश राम, दीपक राम, कमल सिंह, लक्ष्मण सिंह, दीवान सिंह भंडारी, हयात सिंह डांगी, धनी देवी, मनी देवी, हीरा देवी, गीता, कौशल्या आदि ने मांग पूरी न होने पर कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
वहीं जल संस्थान के अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि लाइन की मरम्मत के लिए पिछले साल जिला योजना में प्रस्तावित किया गया था। इसमें मरम्मत के लिए धन नहीं मिल पाया। विभागीय स्तर से कुछ पाइप बदलकर आंशिक जलापूर्ति सुचारु की गई है। शेष काम को भी जल्द पूरा कराया जाएगा।