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खुलेआम हो रहा थर्माकोल डिस्पोजल का उपयोग

Sat, 06 Feb 2016 10:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
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पहाड़ी जिले चंपावत में थर्माकोल के डिस्पोजलों का उपयोग बेरोकटोक चल रहा है। थर्माकोल के डिस्पोजल पर प्रतिबंध लगाने के राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) का आदेश जिले में हवा-हवाई हो रहा है। बारातों से लेकर तमाम दूसरे कार्यक्रमों में इनका खूब उपयोग किया जा रहा है।
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जिले की सबसे बड़ी नगर पालिका टनकपुर के पास तक यह आदेश नहीं पहुंचा है। अधिशासी अधिकारी शेखर चंद्र जोशी का कहना है कि एनजीटी का आदेश फिलहाल यहां नहीं पहुंचा है। इस आदेश के पहुंचने के बाद प्रशासन के साथ मिलकर इसे क्रियान्वित किया जाएगा। वहीं, चंपावत नगर पालिका के ईओ अभिनव कुमार का कहना है कि यहां डिस्पोजल की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए जल्द जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

जिले के ज्यादातर कारोबारियों को एनजीटी के इस आदेश की जानकारी तक नहीं है। दीपक राय, अमरनाथ सहित कई कारोबारियों का कहना है कि थर्माकोल के डिस्पोजलों पर रोक की जानकारी नगर पालिका या प्रशासनिक स्तर से नहीं दी गई है। कायदे-कानूनों की जानकारी मिलने के बाद व्यापारी इसका ईमानदारी से पालन करेंगे। अलबत्ता व्यापारी वर्तमान में मौजूद थर्माकोल के डिस्पोजल स्टॉक के निस्तारण को लेकर उहापोह मेें हैं। जिले में थर्माकोल डिस्पोजल का दो करोड़ रुपये से अधिक का सालाना कारोबार है। इसका उपयोग मुख्य रूप से शादी-ब्याह सहित अन्य उत्सवों में होता रहा है।
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पांच हजार तक का है जुर्माना
जिला प्रशासन का कहना है कि एनजीटी से पारित आदेश को लागू कराया जाएगा। जिले की सभी चारों नगर निकायों से व्यापारियों और अन्य संबंधित पक्षों से बैठक कर इसे लागू करने संबंधी जानकारी देने को कहा जा रहा है। थर्माकोल के डिस्पोजल की बिक्री पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ये रकम पर्यावरण शुल्क के रूप में वसूले जाएंगे।
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