नगर के एक भूमाफिया ने सरकारी भूमि को अपनी बता कब्जा करने के लिए पिलर लगा दिए हैं। हालांकि भूमाफिया भूमि की रजिस्ट्री कराकर अपना स्वामित्व होना बता रहा है, जबकि रेलवे ने अपना अधिकार बताया है। एसडीएम ने शीघ्र ही इस भूमि की पैमाइश करा हकीकत सामने लाने का दावा किया है।
चीन युद्ध के बाद वर्ष 1965 से रेलवे मालगोदाम के आसपास की भूमि रेलवे के अधिकार क्षेत्र में है। रेलवे के अधिकार वाली इस भूमि पर सेना का मालगोदाम, सेना कर्मियों का आवास, प्रसाधन आदि बना है। हालांकि दो-ढाई दशकों से यह खाली पड़ा है। दो दिन पहले क्षेत्र के कुछ भूमाफिया द्वारा इसी भूमि के कुछ हिस्से में पिलर लगाकर हदबंदी कर दी गई। रेलवे स्टेशन मास्टर डीए दरियाल ने उक्त भूमि को रेलवे की संपत्ति बताते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही है।
एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल ने क्षेत्र से बाहर होने की बात कहकर जल्द ही राजस्व विभाग की टीम से पैमाइश कराने को कहा है। उधर, पटवारी वीरेंद्र कुमार ने भूमि को दिवंगत भगवान दास के नाम दर्ज पर होने की बात कहकर रजिस्ट्री किया जाना बताया है, जबकि वन विभाग के रेंजर सुरेश चंद्र मैंदोला ने भी उक्त भूमि में से कुछ भूमि पर वन विभाग का अधिकार बताया है।