नेपाल में पेट्रोलियम पदार्थों की कमी का तस्कर बखूबी फायदा उठा रहे हैं। भारत से नेपाल को पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी कर खूब वारे-न्यारे कर रहे हैं। प्रशासन की सख्ती के बाद अब तस्करों ने पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी का नया फंडा निकाला है। वह टैक्सी गाड़ियों की टंकियां फुल कराकर नेपाल ले जा रहे हैं और वहां महंगे दामों पर तेल बेच रहे हैं। इन दिनों 60 से अधिक टैक्सी वाहनों को तस्करी के धंधे में लगाया है। इस धंधे में यूपी और दिल्ली नंबर के कुछ वाहन भी शामिल हैं, जिससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां दुविधा में है।
नेपाल में मधेशी आंदोलन से बिगड़े हालातों का असर पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई पर पड़ा है। सीमावर्ती कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर में भी पेट्रोलियम पदार्थों का संकट पैदा हुुआ है। नेपाल के एक अधिकारी ने बताया कि कभी एक और कभी दो टैंकर तेल महेंद्रनगर पहुंच रहा है, जो पूरे जिला मुख्यालय के लिए नाकाफी है। वहीं इसका फायदा उठाते हुए कुछ भारतीय और नेपाली वाहन चालक पेट्रोलियम पदार्थों खासतौर पर पेट्रोल की तस्करी में लगे हैं।
वाहन चालक टनकपुर, बनबसा, चकरपुर और खटीमा से तेल लाकर नेपाल पहुंचा रहे हैं, जहां वहां 80 से 100 रुपये डीजल और 130 से 150 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल बेच रहे हैं। कुछ तस्कर तो चोर रास्तों का लाभ उठाकर पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी करने में लगे हैं। बता दें कि कई वाहन बिना सवारियों के नेपाल जा रहे हैं, जिनका मकसद सिर्फ तेल की तस्करी करना ही है।
पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी की सूचनाएं मिल रही हैं। इस संबंध में नेपाल प्रशासन से भी वार्ता की जाएगी। नेपाल में तेल की तस्करी करने वालों पर वहां का प्रशासन सख्त कदम उठा सकता है। खाली वाहनों को एक दिन में एक बार नेपाल जाने और नेपाली वाहनों को एक दिन में एक बार ही जरूरत का तेल देने के निर्देश पंपों को दिए जाएंगे। -एनसी दुर्गापाल, एसडीएम टनकपुर।