पड़ोसी देश नेपाल में डीजल के संकट का फायदा यहां के तस्करों ने उठाना शुरू कर दिया। इन तस्करों ने शारदा नदी के मझारा और अन्य घाटों से डीजल व खाद की तस्करी शुरू कर दी है। वहीं ये तस्कर कैरियर के रूप में सीमा से सटे इलाकों के लोगों को ढाल बनाकर अवैध धंधा कर रहे हैं।
नेपाल में इन दिनों डीजल का संकट चल रहा है और खाद के दाम भी लगभग छह गुना बढ़े चल रहे हैं। इसलिए तस्करों ने इलेक्ट्रानिक वस्तुओं के अलावा अब डीजल व खाद की तस्करी का धंधा तेजी से शुरू कर दिया है। पूरनपुर क्षेत्र व निकटवर्ती सोसाइटी से खाद मझारा और सिमरा ताल्लुके महाराजपुर क्षेत्र में स्टाक की जाती है। यहां से सीमा से सटे लोगों को मुख्य तस्कर कैरियर के रूप में तय कर साइकिलों व बाइक से खाद, डीजल की तस्करी कराने में जुटे हैं। इसके अलावा रात को पशु तस्करी भी इन घाटों से की जाती है। हालांकि रमनगरा और कंजरिया घाट तो वन विभाग ने नीलाम किया है, लेकिन मझारा व मोतिया घाट को अभी तक नीलाम नहीं किया गया। यहां नावों का अवैध संचालन किया जा रहा है।
सौ रुपये की खातिर मुसीबत लेते हैं कैरियर
सीमा पार डीजल व खाद पहुंचाने को तस्कर सीमा सटे इलाकों के गरीब तबके के युवाओं का सहारा लेते हैं। एक चक्कर लगाने के बदले कैरियर को महज सौ रुपये ही मिलते हैं।
मझारा उनके चौकी क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता है। यदि कहीं इस तरह का मामला प्रकाश में आता है तो थाना प्रभारी को अवगत कराया जाएगा।
सूबेदार सिंह, चौकी प्रभारी, रमनगरा