उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र से हो रही खनिज निकासी में अवैध खनन का खेल चल रहा है। प्रशासन की नाक के नीचे रायल्टी की चोरी कर सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की चपत लगाई जा रही है। शिकायत पर बुधवार को हरकत में आए प्रशासन और पुलिस ने चेकिंग कर कम रायल्टी पर अधिक खनिज निकासी पकड़कर तीन ट्रकों के चालान कर खनन पट्टेदार पर जुर्माने की संस्तुति कर रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
शारदा नदी के साथ ही उचौलीगोठ के 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र से भी खनिज की निकासी हो रही है। शासन की नई खनिज भंडारण नीति में सिर्फ स्टोन क्रशर स्वामियों और खनन पट्टेदारों को ही खनिज भंडारण की अनुमति दिए जाने से जहां खनिज कारोबारियों का धंधा चौपट हो गया है, वहीं शारदा से खनिज निकासी में लगे शक्तिमान ट्रकों के मालिक भी परेशान हैं। उधर दूसरी तरफ उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र से केएमवीएन द्वारा किए जा रहे खनन में अवैध खनिज सामग्री की निकासी कर सरकार को राजस्व का चूना लगाने का खेल चल रहा है।
शासन ने केएमवीएन को 28 हेक्टेयर से एक वर्ष में 1,39,650 मीट्रिक टन खनिज निकासी की अनुमति दी है, लेकिन निगम के ठेकेदारों द्वारा कम रायल्टी में अधिक खनिज निकासी करवाकर राजस्व की चोरी की जा रही है। खनन में इस खेल का पता चलने पर बुधवार को एसडीएम नरेश दुर्गापाल के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम ने ओवरलोड खनिज निकासी कर रहे तीन ट्रकों के चालान काटे हैं। एसडीएम ने बताया कि 140 क्विंटल लोड की अनुमति दी गई है, लेकिन पकड़े गए ट्रकों में 20 से 25 क्विंटल खनिज सामग्री अधिक मिली। उन्होंने बताया कि डीएम को रिपोर्ट भेज पट्टेदार पर जुर्माना डालने की संस्तुति की गई है। चेकिंग में कोतवाल बीएल विश्वकर्मा भी मौजूद थे।