पांच माह पहले जीआईसी चौमेल में चेक की रकम में हेरफेर कर सवा सात लाख रुपये लेकर चंपत हुए लिपिक मनीष का पुलिस अब तक कोई पता नहीं लगा पाई है।
लिपिक ने रमसा के तहत 25 हजार रुपये का चेक काटा था, जिसमें प्रधानाचार्य दिनेश चंद्र और एसएमसी अध्यक्ष ने हस्ताक्षर किए थे, जिस पर लिपिक ने चेक में सात लाख रुपये और जोड़ दिए। वह बैंक से सवा सात लाख रुपये की धनराशि लेकर चंपत हो गया। इस मामले में प्रधानाचार्य की ओर से आरोपी के खिलाफ लोहाघाट थाने में 18 सितंबर 2015 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468 के तहत मामला दर्ज कर जांच एसआई मीनाक्षी नौटियाल को सौंप दी।
मीनाक्षी के अनुसार लिपिक की कई संभावित ठिकानों में तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिला। अब उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर न्यायालय से कुर्की के आदेश भी प्राप्त कर लिए है। पुलिस जल्द कुर्की की कार्रवाई करेगी।