शारदा टापू पर हुई हत्या के मामले में युवक की शिनाख्त करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शिनाख्त के लिए शव को 72 घंटे के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखा हुआ है। सोमवार को पुलिस शव का अंतिम संस्कार कर देगी।
विरान शारदा टापू में बृहस्पतिवार को मृत मिले नेपाली युवक की हत्या का मामला उजागर होने के बाद पुलिस उसकी शिनाख्त और हत्यारों का पता लगाने में जुटी है। हालांकि बिना शिनाख्त किए हत्यारों तक पहुंच पाना पुलिस के लिए भी आसान नहीं होगा। मृतक की जेब में मिले पहचान पत्र का सत्यापन कराने के बाद यह बात सामने आई है कि नेपाल के जिसका पहचान पत्र मिला है वह जीवित है और कुछ बदमाशों ने उसके साथ लूटपाट कर उसका पर्स लूटा था।
इस बात से यह संदेह भी उभर रहा है कि कहीं मृतक जहरखुरानी गिरोह का सदस्य तो नहीं था। किसी यात्री को लूटने के बाद हिस्सा बंटवारे के विवाद में साथियों ने ही उसकी हत्या कर दी हो। उसकी जेब से मिले रोडवेज बस के टिकटों से भी यह आशंका ज्यादा मजबूत लग रही है। टिकट यह पुष्ट कर रहे हैं कि 12 दिसंबर को पहले हल्द्वानी से हरिद्वार गया और अगले दिन हरिद्वार से रोडवेज की बस से ही बनबसा पहुंचा था।
मृतक की जेब से जिस नेपाली व्यक्ति का पहचान पत्र मिला है, नेपाल पुलिस की मदद से उसे बुलाया गया है। हो सकता है उसके आने के बाद मृतक के बारे में कोई पुख्ता जानकारी मिल सके। -राजन सिंह रौतेला, सीओ टनकपुर।
हत्या और हादसे के बीच उलझी पुलिस
बृहस्पतिवार के ही दिन रेलवे लाइन किनारे मिले पुष्कर दत्त गहतोड़ी की हत्या के बारे में भी पुलिस को अब तक कुछ हाथ नहीं लगा है। पुलिस हत्या या हादसे के बीच उलझी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। सीओ राजन सिंह रौतेला का कहना है कि मामले की हर एंगल से छानबीन की जा रही है। इधर, मृतक के दोनों हाथ उसी के कुर्ते से पीछे की तरफ बंधे मिलने से उसकी हत्या कर शव रेलवे लाइन किनारे झाड़ी में फेंके जाने का अंदेशा है। बहरहाल परिजनों ने अब तक मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है।