पाटी और समीपवर्ती गांवों में तेंदुए के आतंक के चलते गांवों में दिन ढलते ही अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा हो रही है। मस्टा मंदिर के पीछे दिनदहाड़े तेंदुआ दिखाई देने से लोगों का भय और बढ़ गया है। इस बीच तेंदुए ने लगभग एक दर्जन बकरियों, बछड़ों, गायों को अपना शिकार बना दिया है।
किमाड़ी के एलएम गहतोड़ी के घर के पास से तेंदुआ गाय के बछड़े को उठा ले गया, जबकि चौड़ाकोट मार्ग पर भी कई बकरियों को निशाना बना दिया है। थाने के पीछे से दिनदहाड़े कुत्ते को उठा ले जाने से लोगों की दहशत और बढ़ गई है। थुवा, मौनकांडा, रौलमेल, झुडेली, किमाड़ी, तोली, गर्सलेख, भटियूड़ा आदि गांवों में महिलाएं या तो घास काटने के लिए जंगल नहीं जा रही हैं, जहां जा रही हैं वहां समूह बनाकर चल रही हैं।
इन गांवों में दिन ढलने के बाद दरवाजे बंद हो रहे हैं। ललित पचौली, लाल सिंह, शशिकांत, गिरीश जोशी, राजू बोहरा, रमेश पाटनी, केके भट्ट, मनोज भट्ट आदि ने वन विभाग से तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। उधर, एसीएफ एमएस सिरोही का कहना है कि देवीधुरा के रेंजर बीएस मेहता ने पाटी क्षेत्र में दो लोगों की ड्यूटी लगा दी है।