सात-आठ माह से क्षेत्र में तेंदुए देखा जा रहा है। क्षेत्र में तेंदुआ होने की पुष्टि एनएचपीसी के सीसीटीवी से हुई है। कुछ लोगों ने तो तेंदुए को शावकों के साथ भी देखा है। सीसीटीवी की रिकार्डिंग देखने के बाद लोग खासे दहशत में हैं।
फागपुर जंगल के पास एनएचपीसी गेट पर स्थित सीसीटीवी में तेंदुए नजर आया है। एनएचपीसी परिसर में लंबे समय से तेंदुआ दिखाई दे रहा है, किंतु एनएचपीसी प्रशासन ने भी इस संबंध में कोई कारगर कदम नहीं उठाए। वन विभाग की टीम ने भी तीन दिन आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया, लेकिन उन्हें भी सफलता नही मिली। बता दें कि मझगांव, गढ़ीगोठ, फागपुर, चंदफार्म, बिचई, चंदनी, बमनपुरी गांव में तेंदुआ देखा गया है।
क्षेत्र में कितने तेंदुए घूम रहे हैं इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है। अलबत्ता तेंदुए ने मझगांव, गढ़ीगोठ, चंदफार्म, कैनाल जंगल, फागपुर, बिचई में कई जानवरों को मार दिया है। क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को वन क्षेत्र में ले जाने की मांग की है। उधर, पूर्वी तराई वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी सुरेश चंद मैंदोला ने क्षेत्र में तेंदुए के होने की आशंका जताई है। तेंदुआ आबादी के ओर आने की कोशिश करता है और जानवरों को मारता है।