नेपाल में भारत के खिलाफ पनपे आक्रोश से हालात थमते नजर नहीं आ रहे हैं। बुधवार को तीसरे दिन भी भारतीय वाहन नेपाल नहीं गए।
एकीकृत माओवादी पार्टी के छात्र संगठन द्वारा नेपाल में भारतीय वाहनों के प्रवेश पर आगजनी की चेतावनी के बाद बीते तीन दिनों से भारतीय वाहनों का नेपाल जाना बंद है। बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों की मनाही के बाद एक भी वाहन नेपाल नहीं गया है, जबकि नेपाली नागरिकों की भारत आवाजाही पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। नेपाल के नागरिक अपने वाहनों से बेरोकटोक भारत आ-जा रहे हैं, लेकिन नेपाल के कुछ संगठन लोगों के सीमा सील करने का दुष्प्रचार कर वहां के लोगों को भारत के खिलाफ भड़काने का काम कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि भारतीय वाहनों को नेपाल जाने से सिर्फ इसलिए रोका जा रहा है कि वहां के माओवादी छात्र संगठन ने वाहनों में आग लगाने की चेतावनी दी है।
नेपाली नागरिकों की भारत आवाजाही के साथ ही उन्हें दैनिक उपयोग का सामान ले जाने से भी नहीं रोका जा रहा है। वहीं नेपाली यात्रियों की सुविधा के लिए नोमेंस लैंड के पास भारतीय सीमा पर सीमा स्तंभ संख्या सात तक टैक्सी वाहनों और रिक्शों-तांगों का भी संचालन किया जा रहा है।
हालात सुधारने को नेपाल राष्ट्रीय जनमोर्चा ने बुलाई बैठक
टनकपुर (चंपावत)। नेपाल में भारत विरोध माहौल को शांत कराने की कोशिश भी शुरू हो गई है। नेपाल के राष्ट्रीय जनमोर्चा संगठन ने इसकी पहल करते हुए बृहस्पतिवार को दोनों देशों के राजनीतिक दलोें, पत्रकारों और नागरिक समाज की बैठक बुलाई है। मोर्चा के अध्यक्ष लोकेंद्र लम्साल ने बताया कि बैठक में भारत-नेपाल के मौजूदा हालातों पर चर्चा कर संबंधों में सुधार की रणनीति पर मंथन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक महेंद्र नगर के जिला विकास समिति सभागार में पूर्वाह्न 11 बजे से होगी।
भारत-नेपाल के सीमांत बाजारों का कारोबार प्रभावित
बनबसा (चंपावत)। नेपाल में चल रहे आंदोलन से दोनों देशों के सीमांत बाजाराें का कारोबार प्रभावित है। बनबसा बाजार का कारोबार आम दिनों की अपेक्षा कम हुआ है, वहीं कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर का कारोबार भी खासा प्रभावित हुआ है। दोनों देशों के बीच होने वाला वैधानिक व्यापार भी तीन दिनों से ठप है। कस्टम अधीक्षक पीयुष पांडेय ने बताया कि सुरक्षा के तहत भारतीय व्यवसायी नेपाल सामान भेजने से कतरा रहे हैं। नेपाल के बाजारों में थर्ड कंट्री के सामान की आपूर्ति में कमी आई है।