सपा विधायक के छोटे भाई पर मंगलवार की रात हुए जानलेवा हमले का सस्पेंस बरकरार है। विधायक के भाई की राह में पड़ने वाले तीनों जिले की पुलिस ने हाथ खड़े कर लिए हैं। प्रतापगढ़, अमेठी और सुल्तानपुर के अलावा पुलिस अधिकारी अपने यहां ऐसी किसी भी घटना से इंकार कर रहे हैं। वहीं विधायक की तरफ से अब तक किसी भी थाने में तहरीर नहीं देने और मुंह नहीं खोलने से घटना का रहस्य और गहरा गया है।
लंभुआ के सपा विधायक संतोष पांडेय के छोटे भाई मनोज पांडेय मंगलवार को इंडिका कार संख्या यूपी 44 जे 9199 से चालक गुड्डू के साथ प्रतापगढ़ गए थे। रात करीब साढ़े आठ बजे मनोज पांडेय की कार पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हमले में मनोज पांडेय को चार गोली लगी थी। कार के पीछे का शीशा चकनाचूर हो गया था जबकि सीट और कार के दरवाजे में गोली धंस गई थी। जिला अस्पताल से मनोज को चिकित्सकों ने ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया था।
कोतवाली नगर पुलिस मनोज के चालक गुड्डू को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ कर रही थी। मंगलवार की रात नगर कोतवाल ने घटना स्थल अमेठी जिले की प्रतापगंज बाजार को बताया था जबकि अमेठी जिले के पीपरपुर थानाध्यक्ष जेपी यादव ने घटना स्थल प्रतापगढ़ होने की बात कही थी। वहीं एसपी प्रतापगढ सुनील सक्सेना ने घटना स्थल सुल्तानपुर जिला बताया था। बुधवार को एक बार फिर एसपी प्रतापगढ सुनील सक्सेना और एसपी अमेठी हीरालाल ने घटना स्थल अपने जिले में होने से इंकार कर दिया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि विधायक के भाई को क्या आसमान में गोली मारी गई।
उधर, विधायक की तरफ से किसी भी जिले के थाने में तहरीर नहीं देने से घटना की गुत्थी उलझी हुई है। हालत यह है कि उनके समर्थक तक इस संबंध में मुंह नहीं खोल रहे। घटना कब, क्यों, कहां और कैसे हुई इस पर विधायक पक्ष की चुप्पी आम लोगों की समझ तक से परे है।