पुलिस की एसओजी और बनबसा पुलिस की टीम ने 1 किलो 400 ग्राम अफीम के साथ पिता-पुत्र समेत बरेली के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम बरेली से लाई गई थी और किसी ठेकेदार को दी जानी थी। गहन पूछताछ के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।
क्षेत्र में ड्रग्स तस्करी की सूचना मिलने के बाद एसपी रामचंद्र राजगुरु ने जिले की एसओजी टीम को तस्करों को दबोचने का मिशन सौंपा। एसपी के निर्देश पर एसओजी ने तस्करों को दबोचने को जाल बिछाया। एसओजी इंचार्ज सुरेंद्र सिंह खड़ायत के नेतृत्व में तस्करों को दबोचने में जुटी पुलिस टीम को खबर मिली कि कुछ लोग अफीम लेकर बनबसा की ओर आ रहे हैं। इस पर एसओजी और पुलिस टीम सक्रिय हो गई। बनबसा थानाध्यक्ष मनीष खत्री ने बताया कि मिशन में लगी एसओजी और पुलिस टीम को बुुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे स्ट्रांग फार्म गेट के पास चार लोग संदिग्ध अवस्था में आते दिखाई दिए। रोककर तलाशी ली गई तो उनके पास से 1 किलो 400 ग्राम अफीम बरामद हुई। थानाध्यक्ष ने बताया कि ग्राम नगला थाना बमौरा बरेली निवासी सुमेरी लाल के पास से 300 ग्राम, उसके बेटे महेंद्र पाल के पास से 400 ग्राम, सुमेरी लाल के रिश्ते के भांजे पवन श्रीवास्तव के पास से 400 ग्राम और रणजीत श्रीवास्तव के पास से 300 ग्राम अफीम बरामद हुई है। चारों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18/20 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पकड़ने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष एवं एसओजी इंचार्ज के अलावा उप निरीक्षक गिरीश चंद्र बडोनी, कांस्टेबल कमल धानिक, भुवन पांडेय, दीपक प्रसाद, संजय दोसाद, नवल किशोर शामिल थे।
अफीम मंगाने वाले ठेकेदार का पता लगाने में जुटी पुलिस
बनबसा। अफीम के साथ गिरफ्तार चारों आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद एसओजी टीम उस ठेकेदार की तलाश में जुट गई है, जिसने आरोपियों से बरामद अफीम मंगाई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया है कि वे इससे पहले भी अफीम की तस्करी कर चुके हैं। इस बार वे नहर निर्माण कार्य में मजदूरी के लिए आ रहे थे और नहर का निर्माण करा रहे ठेकेदार ने उनसे अफीम मंगाई थी। उन्होंने पुलिस को ठेकेदार के बारे में जानकारी दी है, जिसके बाद पुलिस उस ठेकेदार का पता लगाने में जुट गई है।