साधन सहकारी समिति धूरा के सचिव के खिलाफ अनियमितता के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोपी सचिव को तत्काल प्रभाव से हटाकर सिमिया ऊरी समिति में तैनात किया गया है। वहीं, विरोध के बाद बुधवार को सचिव के समर्थकों ने भी एसडीएम नरेश दुर्गापाल को ज्ञापन सौंप आरोपी पर लगे आरोपों को झूठा करार दिया है। इधर, एसडीएम के निर्देश पर मामले की विभागीय जांच शुरू हो गई है।
फसल ऋण वितरण में सहकारी समिति के सचिव प्रकाश सिंह पर अनियमितता के आरोप लगे हैं। शिकायत कर्ताओं ने सचिव पर ऋण मंजूर कराने में जहां सुविधा शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है, वहीं चुनिंदा किसानों का ही ऋण माफ कराने और ऋण मंजूर कराने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने किसानों की सूची में भी हेराफेरी का आरोप लगाया है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि सचिव पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है।
फिलहाल उन्हें हटाकर सिमिया ऊरी समिति में तैनात किया गया है। उधर, बुधवार को सचिव समर्थक भी तहसील पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन सौंप सचिव पर लगे आरोप को झूठा बताया है। ज्ञापन देने वालों में पोथ की ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी, मोहन सिंह, प्रकाश चंद्र, सुरेश तिवारी, मोहन सिंह, समिति के अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी, उपाध्यक्ष हयात सिंह, बीडीसी सदस्य मथुरा दत्त पांडेय आदि शामिल थे।
एडीओ को सौंपी जांच
मामले की जांच एडीओ कोऑपरेटिव को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। -पीएस राणा, सहायक निबंधक, सहकारिता।
सचिव ने शिकायतकर्ता के खिलाफ दी तहरीर
अनियमितता के आरोपी साधन सहकारी समिति के सचिव प्रकाश सिंह ने शिकायतकर्ता भुवन चंद्र पांडेय के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है, जिसमें सचिव ने कहा कि 13 जुलाई को भुवन चंद्र पांडेय अपने दो साथियों के साथ पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक में आए और बैंक के शाखा प्रबंधक की मौजूदगी में उससे अभद्रता की। बैंक के कागजात फेंककर जान से मारने की धमकी दी है, जो बैंक के सीसीटीवी कैमरे में कैद है।