जीआईसी चौमेल में एक कनिष्ठ सहायक ने चेक में ओवरराइटिंग कर बैंक से 7 लाख 66 हजार 100 रुपये हड़प लिए। प्रधानाचार्य ने राजस्व पुलिस क्षेत्र मंगोली में आरोपी लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। घटना के बाद से आरोपी फरार है।
प्रधानाचार्य डीसी आर्य ने बताया कि कनिष्ठ सहायक मनीष कलौनी ने 18 सितंबर को विद्यालय में 25 हजार रुपये के भुगतान के लिए भारतीय स्टेट बैंक लोहाघाट शाखा के चेक में मेरे (प्रधानाचार्य) और विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) अध्यक्ष दिवान सिंह बिष्ट के हस्ताक्षर कराए। आरोप लगाया कि बाद में उसने चेक के आगे सात का अंक एवं शब्दों में बढ़ाकर सात लाख लिखकर बैंक से 7.25 लाख रुपये निकाल लिए। मंगोली के राजस्व उप निरीक्षक राजेंद्रनाथ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467 और 468 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
यह कनिष्ठ सहायक पहले से ही चेक काटता था, जिसमें प्रधानाचार्य और एसएमसी अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर कराए जाते थे। इसके अलावा 32,100 एवं 34,000 के दो चेकों का भी भुगतान लेकर चंपत हो गया। 25 हजार रुपये की धनराशि वह मीनाबाजार के एक व्यापारी को प्रधानाचार्य को भेजने की बात कहकर दे गया था।
घटना का खुलासा तब हुआ, जब प्रधानाचार्य ने कई दिनों से भुगतान के लिए तकाता कर रहे ठेकेदार प्रकाश सिंह को 8 अक्तूबर और 9 अक्तूबर को 3.5 लाख के दो चैक काटे। जब वह भुगतान के लिए बैंक गया, तो पता चला कि इस खाते में से 7.25 लाख रुपये 18 सितंबर को ही आहरित हो गए हैं। प्रधानाचार्य ने 10 अक्तूबर को राजस्व पुलिस चौकी मंगोली में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
राजस्व पुलिस से मामले को रेग्युलर पुलिस में स्थानांतरित कर दिया गया है। लोहाघाट थाने के दरोगा मीनाक्षी नौटियाल ने कहा कि आरोपी कनिष्ठ सहायक की तलाश की जा रही है। दरोगा के अनुसार एक दिन आरोपी की लोकेशन हरियाणा में मिली। इसके बाद फोन बंद हो गया।
पिता ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
कनिष्ठ सहायक मनीष कलौनी 18 सितंबर के बाद से स्कूल नहीं गया। वह दो दिन के अवकाश का प्रार्थना पत्र दे गया था, लेकिन उसके बाद से स्कूल नहीं पहुंचा। पिता डीपी कलौनी ने 26 सितंबर को उसकी गुमशुदगी लोहाघाट थाने में दर्ज कराई थी।