बनबसा में तांगा चालकों ने तांडव मचाया है। नेपाली सवारियों से मारपीट और गालीगलौज करना आम बात हो गई है। रोडवेज बसों से बनबसा पहुंचने वाले नेपाली सवारियां को जबरन तांगे में बैठाने को लेकर तांगा चालकों में जबर्दस्त खींचतान होती है। इससे नेपाली सवारियाें को काफी परेशानी होती है। वहीं पुलिस ने पिछले तीन दिनों में ऐसे ही पांच तांगा चालकों का पुलिस एक्ट में चालान किया है।
दिल्ली समेत बड़े महानगरों में नौकरी करने के लिए नेपाल से बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक जाते हैं, जो त्योहारों या अन्य अवसरों पर वतन लौटते हैं। इस वक्त नववर्ष के चलते नेपाली नागरिकों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसका फायदा उठाते हुए तांगा चालकों ने बनबसा में लूटखसोट मचा दी है। वह रोडवेज बस से यहां पहुंचने वाले नेपाली नागरिकों को जबर्दस्ती अपने तांगे में बैठाते हैं, नहीं बैठने पर उनसे मारपीट और लूटपाट भी की जाती है।
कानूनी झंझटों से बचने के लिए नेपाली नागरिक या तो चुपचाप तांगे में बैठ जाते हैं, या फिर अन्य साधनों से नेपाल को चले जाते हैं, जिस कारण तांगा चालकों के हौसले बुलंद हैं। बनबसा के प्रभारी थानाध्यक्ष डीएस जलाल ने बताया कि पिछले तीन दिनों में पांच तांगा चालकों के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट में चालान किए जा चुके हैं। मनमानी करने वाले तांगा चालकों को कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सीमा पर तांगों का संचालन नियमविरुद्ध
बनबसा से महेंद्रनगर तक तांगों का संचालन अवैध रूप से चल रहा है। भारत-नेपाल की बीच चलने वाले तांगे नेपाल के महेंद्रनगर स्थित भीमदत्त नगर पालिका द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
कस्टम एक्ट के तहत नेपाल से किसी पशु के भारत लाने पर पूर्णतया पाबंदी है। भारत से नेपाल को केवल मेल गोड़ (बकरा) ही ले जाया जा सकता है। -एनके श्रीवास्तव, अधीक्षक कस्टम, बनबसा।
भारत-नेपाल के बीच बिना क्वारनटाइन जांच के घोड़ों की आवाजाही नहीं की जा सकती। घोड़े पर सीमित वजन से अधिक नहीं लादा जा सकता है। -डा. डीके शर्मा, पशुधन अधिकारी, टनकपुर।