चंपावत। लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष एचके उप्रेती के आदेश के बाद निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीवी (टीजे) मोटर मार्ग में मुकदमा तो दर्ज हुआ, मगर जांच की गति खासी सुस्त है। इस मार्ग के पैकेज नंबर टू के ठेकेदार के खिलाफ 21 मार्च को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। लेकिन पुलिस अभी दस्तावेजों को कब्जे में लेने के बाद पत्रावलियों के पन्ने ही पलट रही है।
लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष ने 13 मार्च को कार्रवाई करने के पीआईयू को आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद टीजे मोटर मार्ग की कार्यदायी संस्था परियोजना क्रियान्वयन इकाई के अधिशासी अभियंता आरके पुनेठा ने धांधली का मुकदमा दर्ज कराया था। पीआईयू की तहरीर पर टनकपुर थाने में पैकेज नंबर टू के ठेकेदार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 व 471 के अंतर्गत ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
123 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पैकेज नंबर टू (चूका से रूपालीगाड़ तक 24.45 किमी) के ठेकेदार पर अनुभव प्रमाणपत्रों में धांधली करने का आरोप लगे थे। बाद में शासन द्वारा की गई उच्च स्तरीय जांच में मामले की पुष्टि हुई थी।
जांच अधिकारी टनकपुर के थानेदार अरुण वर्मा का कहना है कि पुलिस पूरे मामले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इस मामले को उठाने वाले लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का कहना है कि करोड़ों की धांधली वाले इस प्रकरण में पुलिस की जांच की गति बेहद धीमी है। कहा कि जांच में हीलाहवाली कर मामले को लटकाने का प्रयास किया जा रहा है। निष्पक्ष व तेज गति से जांच नहीं होने पर वे आगे की कार्रवाई करेंगे।