रीठासाहिब (चंपावत)। उत्तर प्रदेश के बिलासपुर (रामपुर) का एक व्यक्ति पिछले 12 साल से सिलाई करने के साथ किराए में कपड़े की दुकान चलाता था, मगर कुछ लोगों के खौफ सेे उसे बृहस्पतिवार को रीठासाहिब छोड़ने को मजबूर होना पड़ा।
आरोप है कि कुछ लोगों ने बुधवार शाम और बृहस्पतिवार सुबह अल्पसंख्यक समाज के व्यक्ति की दुकान में हमला करने की कोशिश की। दुकानदार ने गुरुद्वारे में जाकर जान बचाई। बताया गया कि कुछ लोगों ने टेलर को 30 सितंबर तक रीठा छोड़ने की चेतावनी दी थी।
रीठासाहिब के थानेदार लक्ष्मण सिंह ने बताया कि बाहर से आए दुकानदार के खिलाफ किसी तरह का कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उसका हर दो साल में सत्यापन भी कराया जाता है। अलबत्ता कुछ लोगों ने ज्ञापन देकर दुकानदार पर महिलाओं को बहला-फुसलाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। एसओ का कहना है कि इस ज्ञापन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। आरोप है कि कुछ लोगों के हमले से भयभीत हो यह दुकानदार बृहस्पतिवार को दुकान छोड़ जिले से बाहर चला गया है।
मामला जानकारी में मिलने पर एसपी से बात की गई है। अगर टेलर ने गैर कानूनी काम किया है, तो कार्रवाई की जाए। लेकिन किसी को भी सिर्फ बाहरी क्षेत्र के होने के चलते काम करने से रोका नहीं जा सकता है। हमला करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को कहा गया है। -एसएन पांडेय, डीएम, चंपावत।
रीठा साहिब के टेलर के खिलाफ मिली मौखिक शिकायत की तस्दीक की गई। जांच में शिकायत झूठी पाई गई। बाहरी दुकानदार अगर रीठा में काम करना चाहेगा, तो उसको काम करने का पूरा हक है।
धीरेंद्र गुंज्याल, एसपी, चंपावत।