टनकपुर (चंपावत)। सीतापुर निवासी एक व्यक्ति अपनी दूसरी पत्नी को पूर्णागिरि के दर्शन कराने के बहाने यहां लाकर उसे लावारिस छोड़कर फरार हो गया। यह विवाहिता पुलिस को रात में अकेले भटकती मिली। पुलिस ने विवाहिता को रीड्स संस्था के उज्वला पुनर्वास केंद्र के सुपुर्द कर दिया है। संस्था के कार्यकर्ताओं ने युवती के परिजनों का पता लगाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
बनबसा स्थित उज्वला पुनर्वास केंद्र में रखी गई सुनीता (25) ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मोहल्ला रुद्रवापुर थाना रामपुर मथुरा जिला सीतापुर निवासी सुनील कुमार ने पूर्व प्रेम प्रसंग के चलते पहली पत्नी के होते हुए उससे दूसरी शादी की। पहली पत्नी से सुनील के पांच बच्चे हैं। सुनीता ने बताया कि अलग घर लेकर उसे करीब ढाई साल तक सुनील ने पत्नी के रूप में रखा। शादी करने के डेढ़ साल बाद उससे मारपीट करने लगा। वह यह सब सहती रही। गत 25 अक्तूबर को सुनील मां पूर्णागिरि के दर्शन के बहाने उसे टनकपुर लाया। वे यहां एक धर्मशाला में ठहरे थे कि रात के समय सुनील उसे कमरे में छोड़ सामान लेकर फरार हो गया।
बृहस्पतिवार को दिनभर शहर में अपने पति को खोजती रही, लेकिन उसे वह नहीं मिला। रात में वह भटकते हुए पुलिस को मिली तो पुलिस ने उसे कोतवाली में संरक्षण दिया। प्रभारी कोतवाल उप निरीक्षक दीवान सिंह जलाल ने बताया कि यह विवाहिता नगर में भटकते हुए मिली थी। उसकी आप बीती सुनने के बाद युवती को रीड्स संस्था के उज्वला पुनर्वास केंद्र के सुपुर्द किया गया है। संस्था के सचिव पंडित भुवन चंद्र गड़कोटी ने बताया कि युवती के परिजनों का पता लगाकर उनसे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।