चंपावत। चंपावत में करीब छह वर्ष तक प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रहे अशोक कुमार गुप्ता के कार्यकाल में हुए घोटालों के आरोपों की जांच में तेजी आ गई है। शनिवार को जांच अधिकारी वन प्रशिक्षण संस्थान (एफटीआई) हल्द्वानी के संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने चंपावत डीएफओ कार्यालय में दस्तावेजों का परीक्षण किया। कई जरूरी अभिलेखों को कब्जे में भी लिया। वन प्रभाग के कुछ कर्मियों से पूछताछ भी की गई। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित दो वन चौकी बस्टिया व चल्थी के रिकार्ड भी खंगाले गए।
चंपावत के पूर्व डीएफओ गुप्ता की कथित रूप से कमीशन मांगने वाली ऑडियो क्लीपिंग सोशल मीडिया में सितंबर महीने में वायरल हुई थी। इस ऑडियो क्लीपिंग के अलावा अवैध लीसा दोहन सहित विभिन्न धांधलियों के आरोपों की पड़ताल के लिए शासन ने भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को जांच अधिकारी बनाया था। शनिवार को डीएफओ कार्यालय के लीसा पटल के लिपिक विशाल रस्तोगी, चंद्रशेखर भट्ट सहित कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई। नाप भूमि, वन पंचायत सहित तमाम क्षेत्रों से बीते छह वर्षो में हुई लीसा की निकासी के रवन्ने व अन्य कागजातों की बारीकी से पड़ताल की गई। इन क्षेत्रों के भौतिक सत्यापन में इस बात का परीक्षण किया जाएगा कि क्या वास्तव में इन वन पंचायतों या नाप भूमि में निकाली गई सामग्री के सापेक्ष माल था भी या नहीं। जांच अधिकारी ने बताया कि कमीशन मांगे जाने संबंधित वायरल ऑडियों से संबंधित पक्षों से भी पूछताछ की जाएगी।
22 सदस्यीय टीम जंगल में खोज रही गड़बड़ियों के सिरे
शुक्रवार से यहां पहुंची दो टीमें देर शाम तक चंपावत वन प्रभाग के जंगलों का मुआयना कर रही हैं। वन पंचायत से हुई लीसा निकासी की पत्रावली के अध्ययन के बाद ये दोनों टीमें जंगलों में गड़बड़ियों के सिरे की तलाश कर रही है। हल्द्वानी के उप खंड अधिकारी रमेश चंद्र कांडपाल के नेतृत्व में गठित टीम ने भिंगराड़ा, देवीधुरा, लोहाघाट और दोगाड़ी रेंज के वन पंचायत क्षेत्रों का मौका मुआयना किया। वहीं हल्द्वानी के उप खंड अधिकारी देवेंद्र प्रसाद लोहनी के नेतृत्व में बनी टीम चंपावत, बूम और काली कुमाऊं रेंज के संदिग्ध वन क्षेत्र की पड़ताल कर रही है।