लोहाघाट (चंपावत)। एक साथ दो पदों में काम करने की आरोपी प्रीति बोहरा और उसके पति तत्कालीन ग्राम प्रधान व मौजूदा जिला पंचायत सदस्य पुष्कर बोहरा अब भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। अब पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।
प्रीति बोहरा पर 2010 से 2015 तक चौडला ग्राम पंचायत के मिनी आंगनबाड़ी केंद्र ढुंगा बोहरा और इसी ग्राम पंचायत के चौड़ला लोक साक्षरता केंद्र में प्रेरक के रूप में कार्य कर दोहरा लाभ लेने का आरोप है। डीएम के निर्देश पर हुई जांच के बाद एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने जांच में आरोपों की पुष्टि करते हुए एफआईआर की सिफारिश की थी। पिछले महीने बाल विकास और शिक्षा विभाग ने पांच आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया था।
प्रीति बोहरा, पुष्कर सिंह बोहरा, तत्कालीन प्रधानाध्यापक पीतांबर दत्त भट्ट, तत्कालीन बाल विकास परियोजना अधिकारी चंद्रा खड़ायत, तत्कालीन बाल विकास की मुख्य सेविका गीता राजपूत के खिलाफ पंचेश्वर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाल डीएल वर्मा ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी प्रीति और पुष्कर फरार हैं। पुलिस द्वारा जगह-जगह दबिश दी जा रही है, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग पा रहा है। जिसके बाद अब गैर जमानती वारंट की कार्यवाही की गई है।