चंपावत। जिले के पाटी विकासखंड क्षेत्र के एक गांव में बाप ने रिश्तों को शर्मसार करते हुए आठ साल की बेटी को हवस का शिकार बना डाला।
पीड़िता की मां ने छह दिन पहले पाटी थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था लेकिन पाटी पुलिस ने दुष्कर्म के स्थान पर केवल मारपीट का मामला दर्ज कर आरोपी पिता को हिरासत में लिया था। छह दिन बाद पीड़िता की हालत बिगड़ने पर शनिवार को उसकी मां और ताऊ उसे लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस तथा बाल विकास विभाग के निर्भया प्रकोष्ठ से संपर्क साधा। जिस पर पुलिस और निर्भया प्रकोष्ठ की ओर से पाटी पुलिस को पीड़िता का मेडिकल कराने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल जांच के बाद दुष्कर्म के मामले में आईपीसी और पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
पीड़िता की मां के अनुसार 22 अक्तूबर की रात उसके नशेड़ी पति ने अपनी मासूम बेटी के साथ एक नहीं दो बार दुष्कर्म किया। नशेड़ी ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी पीएस कफलिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पाटी पुलिस को मेडिकल कराने के निर्देश दिए हैं।
निर्भया प्रकोष्ठ ने की पीड़ित परिजनों की मदद
चंपावत। निर्भया प्रकोष्ठ ने दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए परिजनों की मदद को हाथ बढ़ाए हैं। प्रकोष्ठ की काउंसलर मीनू पंत और अधिवक्ता शिल्पी नबियाल ने मामले की जानकारी होते ही तत्काल पाटी थाने से संपर्क स्थापित किया। उन्होंने पीड़िता का तत्काल मेडिकल कराने और उसके बाद पॉक्सो और आईपीसी की धाराओं में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।