टनकपुर (चंपावत)।
नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने छात्रा के पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट का मुकदमा तो दर्ज कर दिया, लेकिन तफ्तीश में छेड़छाड़ के आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि वादी ने पहले से चली आ रही रंजिश के तहत आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। बहरहाल, मामले की विवेचना जारी है।
पुलिस के मुताबिक एक व्यक्ति ने अपनी 12 वर्षीय पुत्री के साथ ज्ञानखेड़ा निवासी कथित डॉक्टर हरीश चंद्र गौड़ पर छेड़छाड़ करने एवं धमकाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। वादी की तहरीर के मुताबिक उसकी पुत्री 25 अक्तूबर को स्कूल से घर लौट रही थी कि आरोपी डॉक्टर ने रास्ते में रोक कर उसकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। शोर मचाने पर आसपास के लोगों के आने पर डॉक्टर फरार हो गया। प्रभारी कोतवाल उप निरीक्षक दीवान सिंह जलाल ने बताया कि वादी की तहरीर पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 एवं आईपीसी की धारा 354 एवं 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले की विवेचना महिला उप निरीक्षक नीशू का सौंपी गई है। प्रभारी कोतवाल ने बताया कि प्रारंभिक विवेचना में डॉक्टर पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि आरोपी एवं वादी के बीच पूर्व से ही विवाद चला आ रहा है। वादी ने 29 सितंबर को भी आरोपी डॉक्टर हरीश चंद्र गौड़ समेत छह लोगों के खिलाफ मारपीट और बलुवा की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें आरोपी बनाए गए छह में से दो लोग घटना में शामिल नहीं पाए गए हैं। बलुवा का आरोप भी झूठा पाया गया है। प्रभारी कोतवाल ने बताया कि नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले की विवेचना जारी है। बहरहाल, प्रारंभिक विवेचना में किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हो पाई है।