चंपावत। जिला मुख्यालय से करीब 39 किमी दूर चल्थी क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का विवाह कराने की कोशिश करने के मामले में गिरफ्तार हुए सात आरोपियों में से चार जमानत में रिहा हो गए हैं। तीन आरोपी अभी भी जेल में हैं। इस मामले में बृहस्पतिवार को न्यायालय में नाबालिग लड़की के धारा 164 के अंतर्गत बयान लिए गए।
उल्लेखनीय है कि सात मार्च को एक नेपाली नाबालिग लड़की से विवाह करने को बनबसा से चल्थी बारात आई थी। दुल्हन के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने मंडप में विवाह की रस्मों को रोक कर नेपाल निवासी (हाल निवासी मीना बाजार बनबसा) दूल्हा प्रकाश सिंह (24), दूल्हे के पिता लाल सिंह, विवाह कराने आए पंडित जयदत्त कलोनी निवासी वार्ड नंबर तीन दुधारा चांदनी (नेपाल) व एक अन्य व्यक्ति केशव सिंह, नाबालिग का विवाह करा रहे भाई उसके वीरेंद्र सिंह, चचेरे भाई केशव बोहरा, नाबालिग पक्ष की ओर से विवाह कराने के लिए आए पंडित रमेश जोशी को गिरफ्तार किया गया था। तबसे ये लोग जेल में थे।
इस मामले में अदालत ने सभी आरोपियों की जमानत की अर्जी मंजूर की। दूल्हा, दूल्हे के पिता, दोनों पक्षों के पंडित जमानत पर रिहा हो गए हैं। लेकिन नाबालिग के दोनों भाई व केशव सिंह द्वारा जमानती पेश नहीं किए जाने पर जेल से बाहर नहीं आ सके। जांच अधिकारी चल्थी पुलिस चौकी के प्रभारी प्रेम विश्वकर्मा ने बताया कि नाबालिग लड़की के पुलिस द्वारा बयान लिए जाने के बाद बृहस्पतिवार को उसे बयान के लिए अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां धारा 164 के तहत उसके के बयान दर्ज हुए।