जवाहर पार्क में लगी पटाखों की दुकानों में अग्नि सुरक्षा की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां न तो आगजनी की घटना से निपटने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और न ही फायरब्रिगेड द्वारा अग्निशमन वाहन की ही व्यवस्था की गई है। इससे आगजनी की घटनाएं होने पर बड़े नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता है। दुकानों में छोटे से लेकर बड़े-बड़े पटाखे सजाए गए हैं, लेकिन अग्नि सुरक्षा को लेकर कोई भी इंतजाम नहीं हैं।
कई व्यापारी अपनी दुकानों में फायर एक्सटिंग यूशर तक नहीं रखे गए हैं। व्यापारियों ने दिखाने के लिए नाममात्र का रेत और पानी रखा है, जो आगजनी की घटना के वक्त ऊंट के मुंह में जीरा साबित होगा। जवाहर पार्क में करीब 20 से अधिक पटाखों की दुकानें सजी हैं, इसमें कई तरह के पटाखे सजाए गए हैं, लेकिन न तो दुकानदारों द्वारा ही आगजनी की घटना से निपटने के पुख्ता बंदोबस्त किया गया है, और नहीं फायरब्रिगेड द्वारा।
विगत वर्ष तक जवाहर पार्क में लगने वाली पटाखों की दुकानों की सुरक्षा के लिए फायरब्रिगेड द्वारा चौबीसों घंटे दमकल वाहन की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार फायरब्रिगेड के अधिकारी इस ओर पीठ किए हैं। लोगों का कहना है कि पटाखा बाजार में अग्नि सुरक्षा के मानकों के अनुरूप व्यवस्था होनी चाहिए। जिससे किसी भी समय होने वाली आगजनी की घटना पर काबू पाया जा सके।
वहीं, अग्नि शमन अधिकारी (एफएसओ) प्रहलाद सिंह महर का कहना है कि आग से बचाव के सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं कोई गड़बड़ी पाई गई, तो लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।