मंच/चंपावत। यदि शहर में किसी को आठ किमी का सफर तय करना पड़े तो मुश्किल से 10 से 15 मिनट में यह दूरी तय हो जाएगी। वहीं इतने ही सफर को अगर आपको पहाड़ पर उस गांव से करनी पड़े जहां सड़क तो है ही नहीं और कच्चा रास्ता भी पूरा ऊबड़-खाबड़ व पथरीला हो तो...। ऐसा ही हाल है सीमांत तल्लादेश के ग्राम पंचायत सौराई का। इस गांव का एक युवक पथरीले रास्ते पर चलते समय रपटकर गंभीर रूप से चोटिल हो गया। उसे घोड़े पर बैठाकर दो घंटे में आठ किमी सफर तय कर सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद 32 किमी का सफर गाड़ी से तय वह अस्पताल पहुंच सका।
ग्राम पंचायत सौराई के नवीन सिंह (26) मंगलवार दोपहर को किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था। रास्ते में उसका पैर फिसल गया और वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। सड़क विहीन गांव होने के चलते चोटिल युवक को इलाज के लिए समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौती था। ऐसे में लोगों ने एक घोड़े पर घायल को बैठाकर आठ किमी दूर मंच तक पहुंचाया। गनीमत रही कि इस दौरान मौसम का साथ मिला और बारिश नहीं हो रही थी अन्यथा यह समय और ज्यादा बढ़ सकता था।
किसी तरह मंच आने के बाद चोटिल युवक को गाड़ी से 32 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल लेकर आया गया लेकिन तब तक शाम हो चुकी थी और अस्पताल से डॉक्टर जा चुके थे। युवक को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। अगले दिन बुधवार सुबह चोटिल युवक का डॉक्टर ने इलाज किया। उसके पैर में काफी सूजन है। फिलहाल युवक का इलाज चल रहा है।
कोई देखने या सुनने वाला नहीं
चोटिल युवक के साथ आए उसके साथी गौरव बोहरा, सुभाष बोहरा और मोहित बोहरा ने बताया कि गांव तक सड़क नहीं होने से नवीन को मंच तक लाने में दो घंटे का समय लग गया। बताया कि पथरीले रास्तों से घोड़े की मदद से सड़क तक ले जाना आसान नहीं है। इस पर भी हिचकोले लगने से नवीन को काफी तकलीफ हो रही थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में मंच से सौराई के लिए मुख्यमंत्री ने सड़क की घोषणा की थी लेकिन फिलहाल कोई काम नहीं हो सका है। इधर, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी ने बताया कि सड़क निर्माण की कार्यवाही गतिमान है।
बकौड़ा के लोगों को चलना पड़ता है सबसे अधिक
सीमांत तल्ला देश के बकौड़ा ग्राम पंचायत के लोगा 12 किमी पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। आने-जाने में लोगों को 24 किमी का सफर करना पड़ता है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवतियों के लिए डोली ही सहारा रहती है। वहीं ग्राम पंचायत सौराई के लोग पैदल मंच तक आने जाने में 16 किमी पैदल यात्रा करते हैं। सौराई गांव की आबादी करीब 150 की है।
कोट
मंच से सौराई तक 10 किमी सड़क का निर्माण किया जाना था। अब इस सड़क निर्माण पीएमजीएसवाई को करने के लिए दिया गया है। इसकी कार्यवाही जारी है। - मोहन पलड़िया, ईई, लोनिवि