चंपावत। न्यायिक मजिस्ट्रेट चंपावत जहांआरा अंसारी की अदालत ने मारपीट और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में आरोपी पिता, पुत्र और माता को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आठ साल पुराने मामले में दोनों पक्षों के गवाहों को सुनने के बाद आरोपी पिता, पुत्र और माता को दोषमुक्त किया है।
वादी भूमि का विवाह दिसंबर 2017 में काकड़ बाराकोट निवासी सूरज सिंह अधिकारी के साथ विवाह हुआ था। वादी ने सूरज सिंह अधिकारी, उसके पिता प्रहलाद सिंह अधिकारी और हीरा देवी पर मारपीट सहित दहेज मांगने, दहेज के लिए प्रताड़ित करने के लिए मामला दर्ज करवाया था। लोहाघाट थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504, 506, 498ए और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत केस दर्ज किया था। वादी ने आरोपियों पर दहेज में कार, पांच लाख रुपये नकदी और पांच तोला सोने के जेवरात की मांग करने का आरोप लगाया था। मामले में अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए और बचाव पक्ष ने अपने बचाव में दो गवाहों को न्यायालय में पेश किया। संवाद