खरही गांव में चल रही श्रीकृष्ण लीला के मंचन में दर्शकों की भीड़ बढ़ती जा रही है। घाटी क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लोग कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं। लीला में उग्रसेन द्वारा कंस का राज्याभिषेक करने की इच्छा व्यक्त की गई। उसके ठुकराने के बाद उन्होंने देवकी का वसुदेव से विवाह किया। उधर कंस ने पिता की भावनाओं के विपरीत लोगाें, ब्राह्मणों, गायों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया। कंस अपनी बहन को छोड़ने के लिए जब उसके ससुराल जाता है तो मार्ग में आकशवाणी होती है कि कंस तेरे अत्याचारों को समाप्त करने के लिए देवकी की कोख से जन्म लेने वाला आठवां पुत्र तेरा संहार करेगा। ऐसा सुनते ही वह देवकी को मारने को तैयार हो गया।
वसुदेव द्वारा आठवां पुत्र उन्हें सौंपने का आश्वासन दिए जाने के बाद कंस ने उन्हें छोड़ दिया। देवकी का अभिनय महेंद्र सिंह, वसुदेव को देवकीनंदन शर्मा, उग्रसेन का दुर्गानाथ, कंस का नवीन कोटिया ने अभिनय किया। इससे पूर्व लीला के मुख्य संयोजक प्रकाश शर्मा, देवकी शर्मा, अध्यक्ष तुलसी शर्मा, चंद्रशेखर जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया।