चंपावत। चंपावत जिले से शुक्रवार को कोरोना वायरस की जांच के लिए चार सैंपल हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल भेजे गए। स्वास्थ्य विभाग के जिला कंट्रोल रूम के प्रभारी गौरव पांडेय ने बताया कि अब तक के सभी 49 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं शुक्रवार को संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए एक व्यक्ति को 14 दिन पूरा होने पर होम क्वारंटीन कर दिया गया। इस तरह अब संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए लोगों की संख्या घटकर 75 हो गई है। वहीं होम क्वारंटीन की संख्या एक बढ़कर 5279 हो गई है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने कहा कि होम क्वारंटीन वाले लोगों पर ग्राम स्तर पर बनाई गई टीमों के जरिये निगरानी रखी जा रही है।
दस सैंपलों की रिपोर्ट भी निगेटिव
अल्मोड़ा। कोरोना जांच के लिए बृहस्पतिवार को भेजे गए दस सैंपलों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। वर्तमान में जिले में कोई भी कोरोना का मरीज नहीं है। प्रशासन ने ऋषिकेश से जिले में पहुंचे नौ लोगों के अलावा रानीखेत के एक व्यक्ति का सैंपल बृहस्पतिवार को कोरोना जांच के लिए भेजा था। इन सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिले से कुल 107 सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजे गए हैं। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि 30 अप्रैल को ऊधमसिंह नगर में अल्मोड़ा जिले के मूल निवासी दो युवक जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यह दोनों युवक पिछले सात-आठ माह से काम करने के लिए जिले से बाहर थे। डीएम ने बताया कि दोनों युवकों की कोरोना पॉजिटिव गणना ऊधमसिंह नगर जिले में की जाएगी। अल्मोड़ा में इन दोनों व्यक्तियों के कोरोना पॉजिटिव की गणना नहीं की जाएगी। जिले में वर्तमान में एक भी पॉजिटिव केस नहीं है।
टनकपुर से जांच के लिए भेजे तीन और सैंपल
टनकपुर (चंपावत)। स्वास्थ्य विभाग ने संस्थागत क्वारंटीन किए गए बैंक कर्मी समेत तीन लोगों के सैंपल जांच के लिए एसटीएच हल्द्वानी भेजे गए हैं। इधर, पुलिस ने तीनों में से एक के खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन का केस भी दर्ज किया है। एसीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि क्वारंटीन एक बैंक कर्मी, उसके चालक और बृहस्पतिवार को बलरामपुर लौटे युवक में हालांकि कोरोना संक्रमण जैसे लक्षण नहीं मिले हैं, लेकिन एहतियातन उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि बलरामपुर से लौटे युवक के खिलाफ लॉकडाउन, आपदा और महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
एंबुलेंस चालक को क्वारंटीन करने के निर्देश के बाद घबराए चालक
पिथौरागढ़। मरीज को लखनऊ पहुंचाकर लौटे एंबुलेंस चालक को होम क्वारंटीन पर रहने के निर्देश दे दिए। इससे घबराए अन्य एंबुलेंस चालकों ने भी मरीजों को हायर सेंटर ले जाने से हाथ खींच लिए हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल से रेफर मरीज को हायर सेंटर नहीं ले जाया जा सका।
कोरोना की आशंका को देखते हुए बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जांच के बाद ही जिले में प्रवेश दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को लखनऊ से लौटे एक एंबुलेंस चालक को स्वास्थ्य विभाग की ओर से होम क्वारंटीन पर रहने के निर्देश दिए गए। इसके बाद इस चालक ने एंबुलेंस में ही रात बिताई। चालक के अनुसार वह पत्नी और बच्चों के साथ किराए के कमरे में रहता है जहां पर सीमित स्थान है। होम क्वारंटीन के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए वह एंबुलेंस में ही रह रहा है। इधर एक एंबुलेंस चालक को होम क्वारंटीन पर रहने के निर्देश देने के बाद अन्य एंबुलेंस चालक भी मरीजों को बाहर ले जाने से कतराने लगे हैं। शुक्रवार को एक एंबुलेंस चालक ने हायर सेंटर रेफर किए गए मरीज को बाहर ले जाने से इनकार कर दिया। पिथौरागढ़ में इस समय 10 एंबुलेंस हैं। एंबुलेंस चालकों के संचालन से हाथ खींचने पर गंभीर परेशानी खड़ी हो सकती है। एंबुलेंस संचालकों का कहना है कि बाहर से लगातार राशन, दूध, सब्जी लेकर चालक पहुंच रहे हैं। जबकि एंबुलेंस चालक बाहर जाने के बाद पूरी एहतियात बरतते हैं। उपजिलाधिकारी सदर तुषार सैनी ने कहा कि यह स्वास्थ्य विभाग का मामला है। संदिग्ध मिलने या किसी तरह की आशंका होने पर ही क्वारंटीन की सलाह दी जाती है। उन्होंने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही।
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