शिक्षा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय ने शुक्रवार को पहली बार जिला योजना की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन योजनाओं के निर्माण में टोकनमनी का प्राविधान है, उन योजना में कार्य प्रारंभ न होने पर उन योजनाओं को बंद करने के साथ योजनाओं में टोकनमनी की प्रवृत्ति पर अंकुश रखें। कहा कि टोकनमनी में धनराशि उपलब्ध न होने पर प्रस्तावों पर लागत अधिक आती है और कार्य आधा-अधूरा रहता है।
प्रभारी मंत्री ने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी को विभिन्न विद्यालयों में कक्षाकक्ष को पुराने भवन के आसपास और निर्धारित मानचित्र के अनुसार बनाने को कहा। उन्होंने युवा कल्याण अधिकारी को खेल महाकुंभ में प्रतिभागियों की संख्या में इजाफा करने और सभी युवाओं को भागीदारी करने का मौका प्रदान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कम से कम 50 विद्यालयों को मॉडल के रूप में विकसित करने, अध्यापकों व उत्कृष्ट प्रतिभा वाले बच्चों को आगामी बैठक में सम्मानित करने आदि के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में विधायक लोहाघाट पूरन सिंह फर्त्याल, चंपावत कैलाश गहतोड़ी, राज्य सहकारिता अध्यक्ष हयात सिंह माहरा, प्रमुख निर्मल माहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामदत्त जोशी, डीएम एसएन पांडेय, सीडीओ एसएस बिष्ट, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, शिप्रा जोशी, आरसी गौतम आदि थे। इस दौरान उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस लाभार्थियों को संयोजनों का वितरण भी किया गया।
अधिकारियों को पढ़ाया सत्यनिष्टा और इमानदारी का पाठ
बैठक में प्रभारी मंत्री ने सांसद, विधायक आदि निधियों से निर्मित कार्यों में बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों के पेंच कसते हुए सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, कुशलता से कार्य करने का पाठ पढ़ाया।
बाद में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने डांडा ककनई के बच्चों के बोर्ड परीक्षा के लिए 45 किमी दूर जाने का समाधान करने, ऑल वेदर रोड के मलबे को डंपिंग जोन से इतर निस्तारित करने को डीएम को परीक्षण करने, गोरलचौड़ मैदान की भूमि अभी तक शिक्षा विभाग के नाम न होने, कोटिकरण सही न होने आदि समस्याओं का समाधान करने की बात कही।