गोली सैन्यूड़ा की सरकारी सस्ता गल्ला दुकान के अनुबंध को अंत्योदय कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा से कम राशन देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पूर्ति निरीक्षक की ओर से कराई गई शुरुआती जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद जिला पूर्ति अधिकारी ने दुकान को निलंबित करने के साथ ही गल्ला विक्रेता से स्पष्टीकरण तलब किया है।
गोली गांव निवासी खुशाल सिंह ने गांव की सरकारी सस्ता गल्ला की दुकान से खद्यान्न वितरण में हर माह पांच से सात किलो खाद्यान्न कम दिए जाने की शिकायत की थी। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने 16 फरवरी को पाटी के पूर्ति निरीक्षक से आरोपों की जांच कराई। रिपोर्ट में जांच अधिकारी भरत सिंह राणा ने कई अनियमितताओं की बात की। बताया कि जांच के दौरान दुकान बंद मिली और सस्ता गल्ला विक्रेता जानकारी देने के बाद भी दुकान पर नहीं पहुंचे। इसके बाद राशन कार्ड धारकों से पूछताछ की गई। हरि देवी, पार्वती देवी ने बताया कि अंत्योदय कार्ड के बावजूद उन्हें 35 किलोग्राम राशन के बजाय 30 किलोग्राम राशन ही मिल रहा है।
ग्रामीण ईश्वरी देवी, लक्ष्मी देवी, नीलावती देवी, गोमती देवी, गोदावरी देवी, शांति देवी, देवकी देवी, जीवंती देवी और खुशाल सिंह को भी पांच से 10 किलोग्राम खाद्यान्न कम मिला है। जांच में यह भी पता चला कि गल्ला विक्रेता की ओर से गोली गांव से हटाकर आधा खाद्यान्न अपने घर बिरगुल से वितरित किया जाता है। विभाग को अधिक दूरी दिखाकर कम दूरी पर खाद्यान्न वितरण कर अधिक भाड़ा लेकर राजस्व का नुकसान किया जा रहा है।
रिपोर्ट के बाद डीएसओ अग्रवाल ने गोली की सस्ता गल्ला दुकान का अनुबंध निलंबित कर दिया। साथ ही गल्ला विक्रेता से स्पष्टीकरण तबल किया गया है। दुकान के निलंबित रहने तक इस दुकान से संबद्ध कार्डधारकों को नजदीक की दुकान से राशन का वितरण होगा।