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शासनादेश जारी, मगर न तो भवन तैयार और न ही सृजित हो पाए हैं पद

Sat, 30 Jul 2016 09:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
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शासनादेश जारी, मगर न तो भवन तैयार और न ही सृजित हो पाए हैं पद - फोटो : अमर उजाला
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 प्रदेश सरकार ने भले ही यहां नवसृजित इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का शासनादेश जारी कर दिया हो, लेकिन अब तक न तो कॉलेज के लिए पदों का सृजन हुआ है और न ही भवन बनकर तैयार है। सरकार का प्रयास है कि सितंबर से कॉलेज में सिविल और मेकेनिकल इंजीनियरिंग की कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया जाए। भवन निर्माण की कार्यदायी एजेंसी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम भी पाठ्यक्रमों के लिए सितंबर से पहले भवन निर्माण का काम पूरा करने को युद्धस्तर पर जुटी है।
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कांग्रेस विधायक हेमेश खर्कवाल की पहल पर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2013 में यहां इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। तीन साल तक चली मशक्कत के बाद आमबाग के हजारीबाग में भूमि का चयन कर कॉलेज को हस्तांतरण की गई और वहां कॉलेज का प्री फेब्रिकेटेट स्ट्रेक्चर भवन खड़ा किया जा रहा है जो फिलहाल बनकर तैयार नहीं हो पाया है। इधर, इसी सत्र से कॉलेज शुरू कराने का शासनादेश जारी होने के बाद अब दो पाठ्यक्रमों (सिविल इंजीनियरिंग और मेकेनिकल इंजीनियरिंग) की कक्षाओं से कॉलेज की शुरुआत करने की कवायद तेज हो गई है।

तीन अन्य स्वीकृत पाठ्यक्रमों की कक्षाएं अगले शिक्षा सत्र से शुरू करने की योजना है। शासन के सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के इस संघटक कॉलेज में फिलहाल पदों का सृजन नहीं हो पाया है, लेकिन पद सृजन की फाइल शासन से मंजूरी के बाद वित्त विभाग के पास पहुंच गई है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में पदों के सृजन का शासनादेश भी जारी हो जाएगा। कार्यदायी विभाग के जेई विनय शर्मा का कहना है कि बारिश के कारण निर्माण में बाधा आ रही है, लेकिन 20 अगस्त से पहले सिविल और मेकेनिकल कक्षाओं के ब्लॉक का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा।
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मॉडल कालेज बनाने की है योजना : हेमेश
विधायक हेमेश खर्कवाल का कहना है कि टनकपुर का नवसृजित इंजीनियरिंग कॉलेज इसी सत्र से शुरू होगा। वैसे तो यहां इलेक्ट्रानिक्स कम्यूनिकेशन, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम स्वीकृत है, लेकिन भवन निर्माण का कार्य पूर्ण होने से पहले फिलहाल मेकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम से कॉलेज की शुरुआत की जाएगी। इंजीनियरिंग के इन पांच पाठ्यक्रमों के अलावा अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू कर इस कॉलेज को प्रदेश का मॉडल इंजीनियरिंग कॉलेज बनाने की योजना है।
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