चंपावत। टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) मोटर मार्ग पर कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने अब भाजपा संगठन से दो-दो हाथ करने को कमर कस ली है। कारण बताओ नोटिस का मंगलवार को दिए जवाब से तो यही संकेत साफ है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को भेजे जवाब में कहा कि उन्होंने किसी तरह से न तो पार्टी के खिलाफ कोई काम किया है और न किसी तरह से अनुशासन तोड़ा है, बल्कि भ्रष्टाचार के सवाल को उठाकर पार्टी की छवि को बेहतर किया है।
फर्त्याल ने कहा कि संगठन और सरकार को टीजे मोटर मार्ग की निविदा में हुई गड़बड़ी की जानकारी दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर नियम 58 के तहत विधानसभा में 23 सितंबर को मामला उठाया। विधानसभा कार्य संचालन नियमावली 2005 के तहत सदन में नियम 58 के अंतर्गत सवाल उठाने अनुशासनहीनता के दायरे में नहीं आता। इस नियमावली में सत्ता पक्ष के विधायक को सवाल उठाने से कहीं भी प्रतिबंधित नहीं किया गया है। विधायक ने कहा कि उनकी मंशा पार्टी को किसी तरह से नुकसान पहुंचाना कभी नहीं रही, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाकर दल और सरकार की छवि को बचाना रही है। पुराने ठेकेदार के अनुबंध की दोबारा बहाली से लोगों में गलत संदेश जा रहा है। कहा कि टीजे रोड के भ्रष्टाचार के मामले में वह खुद शिकायतकर्ता भी थे। उन्होंने जो भी कदम उठाया, वह सरकार और संगठन के हित में है। दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी आवाज थमेगी नहीं।