चंपावत। पाटी ब्लॉक में बहुउद्देशीय सहकारी समिति दूबड़ में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में हुई जांच में प्रथम दृश्टया समिति के सचिव को दोषी पाया गया है। जांच रिपोर्ट में 81,08,848 की धनराशि के गबन, वित्तीय अनियमितता और अभिलेखों में कूटरचना की पुष्टि की बात कही गई है।
मंगलवार को डीएम नवनीत पांडेय ने बताया कि सहकारी समिति दुबड़ गबन के गंभीर प्रकरण के दृष्टिगत आठ अगस्त 2024 को पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। इसमें समिति के सचिव जयराम के कार्यकाल की जांच कराई गई। समिति ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करते हुए अपनी अंतरिम रिपोर्ट 14 अप्रैल को प्रस्तुत की। इसके आधार पर बीती 16, 17 और 18 अप्रैल को समिति के कार्यालय में सार्वजनिक जनसुनवाई आयोजित की गई।
इसमें समिति सदस्यों, किसानों और हितग्राहियों से प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की गई। डीएम ने बताया कि अंतिम जांच रिपोर्ट में सचिव जयराम को दोषी ठहराया गया है। उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए समिति की निधियों का गबन, फर्जीवाड़ा करते हुए घोर लापरवाही की है। जांच रिपोर्ट 21 अप्रैल के अनुसार समिति में 81,08,848 की धनराशि के गबन, वित्तीय अनियमितता और अभिलेखों में कूटरचना की पुष्टि हुई है।
दोषी सचिव के खिलाफ वसूली नोटिस जारी
सहायक निबंधक सहकारिता सुभाष चंद्र गहतोड़ी ने दोषी सचिव से वसूली के लिए नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही विकासखंड पाटी के सहकारिता विकास अधिकारी को संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा सचिव के विरुद्ध सेवा नियमों और सहकारी अधिनियम नियमावली के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इधर सहकारिता विभाग समिति की वित्तीय स्थिति की शीघ्र पुनर्स्थापना करने और सदस्यों के हितों की पूर्ण सुरक्षा को सुनिश्चित करने में जुट गया है। डीएम ने जिले की सभी सहकारी समितियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित लेखा परीक्षण, निरीक्षण और सदस्य जागरूकता अभियान आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।