चंपावत रोडवेज बस अड्डे में टनकपुर के लिए बसों का इंतजार करते यात्री।
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जिला मुख्यालय में खुला नया बस अड्डा यात्रियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। बस अड्डे में बसों के आधा घंटे तक रुकने की मांग लगातार उठाई जा रही है। इस पर किसी तरह की पहल तो नहीं हो पाई है लेकिन आए दिन यात्रियों की बस छूटने के मामले जरूर सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को बस रुकने और बस में सीटें खाली होने के बावजूद 15 यात्री दो घंटे तक सफर के लिए भटकते रहे।
चाराल क्षेत्र के बर्दोली, तल्लादेश व नगर के विभिन्न वार्डों में रहने वाले और रिश्तेदारी में आए करीब 15 लोगों को टनकपुर और उससे आगे का सफर करना था। दस बजे बस अड्डे में पहुंचकर यात्री बस का इंतजार करने लगे। करीब 11 बजे टनकपुर डिपो की बेड़ीनाग टनकपुर रोडवेज बस (यूके 07 पीए 3120) बस अड्डे पर पहुंची।
यात्री उसमें सवार होने लगे तो परिचालक ने उन्हें चढ़ने से मना कर दिया। यात्री भवान सिंह ने बताया कि परिचालक ने कहा कि टिकट काटने की मशीन खराब हो गई है। इसलिए वह किसी भी यात्री को नहीं ले जाएगा। इस कारण टनकपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को मायूस होना पड़ा। कुछ यात्री टैक्सी और केंटर से चल दिए और कुछ बस अड्डे पर ही इंतजार करने लगे। एक घंटे बाद लोहाघाट डिपो की बस (यूपी 07 ए 2007) काशीपुर सेवा आने के बाद यात्री उसमें सवार होकर अपने गंतव्य को रवाना हो सके।
स्टेशन में बसों की रजिस्टर में इंट्री कर रहे भुवन गहतोड़ी ने बताया कि उन्होंने परिचालक ललित सिंह सौन को यात्रियों को ले जाने को कहा लेकिन वह मशीन खराब होने और टिकट न होने की बात कहकर बहाना बनाता रहा। एआरएम केएस राणा ने बताया कि इस संबंध में किसी यात्री की शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो उसकी जांच की जाएगी। टिकट मशीन खराब होने पर परिचालक लोहाघाट डिपो से टिकट कटवा सकता था। उन्होंने स्वीकार कि इस तरह की घटना से रोडवेज की आमदनी में कमी आती है।