किमतोली-लोहाघाट की इस सड़क को श्रमदान से ठीक किगया गया है। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। किमतोली-लोहाघाट मोटर मार्ग की बदहाली पर लोनिवि और प्रशासन ने लोगों ने की नहीं सुनी तो शिक्षकों ने सिस्टम को आईना दिखाकर खुद श्रमदान कर सड़क पर बने गड्ढों को भरकर आवागमन के लायक बनाया।
नेपाल सीमा को जोड़ने वाला किमतोली-लोहाघाट मोटर मार्ग वर्षों से बदहाल है। देवीधार से किमतोली तक हर दस मीटर में सड़क पर गड्ढे बने हैं। कई बार मांग के बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हुआ है। नालियां और स्क्रबर बंद पड़े हैं। बारिश के दौरान बरसात का पानी घरों तक पहुंच रहा है।
स्कूल जा रहे शिक्षकों ने सड़क का संज्ञान लेते हुए खुद श्रमदान कर सड़क में बने गड्ढों को पाटकर वाहन चलाने लायक बनाया। उन्होंने प्रशासन से जल्द सड़क के डामरीकरण की मांग उठाई। श्रमदान करने वालों में शिक्षक डॉ. सुधाकर जोशी, प्रयाग मुरारी, सुशील जोशी, जगदीश जोशी, डॉ.हरीश अधिकारी, भगवान जोशी, गोविंद बोहरा, प्रकाश खोलिया आदि शामिल रहे।