चंपावत हाइवे के स्वांला स्थित डेंजर जोन पर एसडीआरएफ और पुलिवस की टीम कैलाश मानसरोवर यात्रियों
टनकपुर (चंपावत)। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते चंपावत हाईवे पर स्वाला के पास मलबा आने से शनिवार को कैलाश यात्रियों का जत्था भी फंस गया। इनमें एक उज्जैन निवासी ओम प्रकाश राठौर (65) की हालत बिगड़ गई। सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने स्ट्रेचर पर रखकर उन्हें रास्ता पार कराया। फिर एंबुलेंस से चंपावत की ओर ले गए।
चल्थी पुलिस चौकी इंचार्ज एसआई निर्मल लडवाल ने बताया कि पांच घंटे से ज्यादा इंतजार के बाद अन्य 49 कैलाश यात्रियों को शाम करीब पांच बजे एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने पैदल पार कराया। चंपावत की ओर से यात्रियों को ले जाने के लिए वाहन मंगाए गए हैं।
कैलाश यात्रियों के पांचवें और आखिरी जत्थे के 50 सदस्य शुक्रवार को टीआरसी पहुंचे थे। रात में रुकने के बाद शनिवार सुबह उन्होंने टूरिस्ट रेस्ट सेंटर (टीआरसी) में रक्षाबंधन पर्व मनाया। यात्रियों ने टीआरसी परिसर में पौधे भी रोपे।
सुबह करीब 10:30 बजे टीआरसी के मैनेजर मनोज कुमार ने जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हाईवे पर स्वाला के पास सड़क बंद होने से जत्थे ने श्यामलाताल क्षेत्र का भ्रमण किया। जत्थे के जनसंपर्क अधिकारी ओम प्रकाश ने फोन पर बताया कि प्रशासन से सूचना मिलने पर दल को पुलिस सुरक्षा में आगे बढ़ाया गया लेकिन मलबा अधिक होने के कारण उन्हें वहां रुकना पड़ा।
दोपहर जत्थे में शामिल यात्री उज्जैन (मध्यप्रदेश) के अब्दलपुरा निवासी ओम प्रकाश राठौर की तबीयत बिगड़ गई। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने मार्ग बंद होने के चलते मलबे के बीच से स्ट्रेचर पर रखकर उनको निकाला। यात्री को आगे एंबुलेंस से चंपावत की ओर भेजा गया है। चल्थी पुलिस चौकी इंचार्ज एसआई निर्मल लडवाल ने बताया कि पांच घंटे से ज्यादा इंतजार के बाद अन्य 49 कैलाश यात्रियों को शाम करीब पांच बजे एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने पैदल पार कराया। चंपावत की ओर से यात्रियों को ले जाने के लिए वाहन मंगाए गए हैं।