चंपावत। नरेंद्र कुमार, नारायण दत्त, श्रवण ओझा, राजेंद्र करायत, सुरेश जोशी, दीपक बोरा, कमल जोशी, दुर्गा दत्त आदि कर्मियों के लिए धनतेरस और दिवाली बेरंग है। इन कर्मियों को छह माह से अधिक हो गया, वेतन के रूप में एक रुपया नहीं मिला है। कई विभागों के इन कर्मियों को लक्ष्मी पर्व बिना लक्ष्मी के मनाना पड़ रहा है। धनतेरस में खरीद के लिए भी उनके पास रुपये नहीं थे।
रोडवेज, स्वजल, शिक्षा मित्र, अतिथि शिक्षक, कार्यक्रम विभाग, बीएसएनएल के ठेका कर्मियों को वेतन के लाले पड़े हैं। एक हजार से अधिक इन कर्मियों को दो माह से छह माह तक का वेतन नहीं मिला है। धनतेरस और दिवाली पर्व का उल्लास मनाना तो दूर, रोजमर्रा की गुजर भी मुश्किल हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि पर्व मनाने के लिए उधार मांग रहे हैं। रोडवेज कर्मियों का कहना है कि लगातार आवाज उठाने के बाद उन्हें एक माह का वेतन तो मिला, लेकिन पांच महीने का वेतन अटकने से वह सबसे ज्यादा तंगी झेल रहे हैं। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों का पूरा करने से लेकर उत्सव का उल्लास सब फीका पड़ गया है।