शुरुआती दो दिन कलक्ट्रेट में आंदोलन करने के बाद छात्रों ने बुधवार को पीजी कॉलेज में धरना शुरू कर दिया है। छात्र कॉलेज में नए विषय सहित विभिन्न समस्याओं के हल की मांग को लेकर 8 फरवरी से आंदोलन कर रहे हैं।
छात्रसंघ अध्यक्ष कमल सिंह रावत ने कहा कि सरकार कॉलेज की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। छात्रसंघ के गठन के बाद पिछले साल नवंबर में देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान का आग्रह किया गया था। सीएम हरीश रावत ने जरूरी कदम उठाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद कुछ नहीं हुआ।
पीजी कॉलेज में एमएससी, एमकॉम खोलने के साथ ही एमए में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, समाजशास्त्र, भूगोल और स्नातक में संस्कृत, मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र विषयों का संचालन किए जाने की मांग पर ठोस समाधान के बाद ही आंदोलन वापस लेने की बात कही गई। धरना-प्रदर्शन में सचिव कमल जोशी, उपाध्यक्ष नेहा महर, सुरेश पुनेठा, जनार्दन जोशी, खीम रावत, यशोदा लडवाल, भावना उप्रेती आदि थे।