चंपावत। मडुवा, झिंगोरा, सोयाबीन और चौलाई की खरीद के लिए सहकारिता विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में 22 खरीद केंद्र बनाए हैं। इनमें से दो केंद्रों को छोड़ किसी में भी खरीद केंद्र में मोटा अनाज नहीं आया है। किसानों की कम आमद के मद्देनजर अब सहकारिता और कृषि विभाग विजयदशमी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों को जागरूकता अभियान चलाएगा।
चंपावत जिले में दो अक्तूबर से मोटे अनाज की खरीद के लिए केंद्र खोले गए हैं। ये केंद्र 31 दिसंबर तक खुलेंगे। जिला सहायक निबंधक सुभाष चंद्र गहतोड़ी ने बताया कि अब तक धरमघर में एक किसान ने दो क्विंटल और खतेड़ा में एक किसान ने चार क्विंटल मडुवा बेचा है। शेष 20 केंद्रों में अब तक मोटे अनाज की बिक्री नहीं हुई है। इस वर्ष मडुवे की कीमत गेहूं की अपेक्षा 1717 रुपये क्विंटल ज्यादा है।
मडुवा 3842 रुपये और गेहूं 2125 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके बावजूद किसानों के कम उत्साह को देखते हुए कृषि और सहकारिता विभाग किसानों को मोटे अनाज की बिक्री के लिए गांवों में जाकर प्रेरित करेगा। वहीं ज्यादातर किसानों का कहना है कि वे इन दिनों घास काटने और फसल समेटने में व्यस्त हैं। नवंबर से मडुवे और अन्य मोटे अनाज की बिक्री करेंगे।
इन 22 केंद्रों में बनाए गए हैं खरीद केंद्र
चंपावत, कोट अमोड़ी, मंच, हरतोला, सिप्टी, सीमियां, धूरा, चानमारी, धरमघर, खतेड़ा, डुमडाई, दिगालीचौड़, चौड़ामेहता, दूबड़, बांजगांव, रौलमेल, देवीधुरा, गोशनी, बाराकोट, इंद्रपुरी, वल्सों और बापरू।
वर्ष 2022-23 में हुई खरीद
सामग्री : खरीद (क्विंटल में)- बेचने वाले किसान
मड़ुवा : 287.58 क्विंटल 494
झिंगोरा: 2.79 क्विंटल आठ
सोयाबीन: 0.69 क्विंटल 12
चौलाई: 29.18 क्विंटल, 167
फोटो 18 सीपीटी 19पी