मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को जिला मुख्यालय के भ्रमण में बाराकोट ब्लॉक को आपात 108 सेवा संचालन की सौगात भेंट की। गोरलचौड़ मैदान में पूर्व सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, सैनिक विधवाओं, अर्द्धसैनिक बलों के पूर्व सैनिकों और सिविल पेंशनरों से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री ने जिले में सैनिक कल्याण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने मुख्यालय में अर्द्ध निर्मित शहीद स्मारक को पूरा करने के लिए चार लाख रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने पेंशनरों की मांग पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विजय थापा को हिमाचल में पूर्व सैनिकों के लिए की जा रही व्यवस्था का अध्ययन कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पूर्व सैनिकों ने चाय पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री से उपनल के माध्यम से रखे गए सैन्यों के पाल्यों को विभिन्न विभागों से नहीं हटाने, चमदेवल निडिल मोटर मार्ग को दो किमी और आगे तक बढ़ाने, ग्राम पंचायतों में पूर्व सैनिकों के लिए सीटों का आरक्षण करने, अर्द्धसैनिक बलों के पूर्व सैनिकों को कैंटीन सुविधा उपलब्ध कराने, घटोत्चक मंदिर से तल्ली चौकी तक सड़क बनाने, लोहाघाट में कोलीढेक झील का निर्माण करने, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावे को सरल करने, वन रैंक वन पेंशन, चिकित्सकों की नियुक्ति करने आदि की मांगों को प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादकों को दूध पर चार रुपये प्रति लीटर का बोनस देने के साथ ही बंदरबाड़े बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
इससे पहले पुलिस की सशस्त्र टुकड़ी ने सीएम को गार्ड ऑफ आनर पेश किया। क्षेत्रीय विधायक हेमेश खर्कवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन राम आदि ने हैलीपेड में मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
कार्यक्रम में डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक डीएस कुंवर, सीडीओ एसएस पांगती, जिला विकास अधिकारी विवेक उपाध्याय, परियोजना निदेशक केएन तिवारी, एसडीएम नरेश दुर्गापाल, निर्मला बिष्ट, सीएस डोभाल, रविंद्र सिंह, सीओ आरएस रौतेला आदि थे।
गोलू मंदिर में टेका मत्था, बुजुर्गों को शाल ओढ़ाए
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुदरती न्याय के लिए प्रसिद्ध गोलू देवता के मंदिर में मत्था टेका और पूजा-अर्चना की। इससे पहले उन्होंने कार्यक्रम स्थल में मौजूद 80 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों, पेंशनरों, सैनिक आश्रितों और महिलाओं को शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।