सोमवार की सुबह चल्थी और धौन के समीप मलबा आने से नेशनल हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे तक यातायात बंद रहा। सीमांत मडलक क्षेत्र के अंबेडकर गांव में बारिश से रोड का पता ही नहीं लग रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो किमी सड़क मलबे से पटी हुई है। भारी बारिश के कारण ग्रामीणों की फसलें बहने के साथ ही आवासीय मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया है।
यहां विशन दत्त भट्ट का आवासीय मकान भूस्खलन की चपेट में आ चुका है। जबकि प्रभावित परिवार को अभी तक किसी तरह का मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है। उधर, रीठासाहिब कुल्याल गांव के बीच भी सड़क में मलबा आने से कई स्थानों पर यातायात अवरुद्ध हो गया। यहां सड़क में चीड़ का पेड़ गिरने से घंटों तक यातायात बाधित रहा।
बाद में ग्रामीणों के सहयोग से पेड़ को हटाया गया। भारी बारिश के कारण जिला मुख्यालय में जीजीआईसी के प्रार्थना स्थल की दीवार भरभरा कर गिर गई। अलबत्ता उस समय वहां पर किसी छात्रा के न होने से अनहोनी टल गई।
संगरून में एसएसबी जवानों ने हटाया मलबा
चंपावत। सीमांत संगरून गांव में बीते दिनों सात ग्रामीणों के घरों में घुसे मलबे को एसएसबी की सीम बार्डर आउट पोस्ट के जवानों ने ग्रामीणों के सहयोग से साफ किया। जवानों और ग्रामीणों ने दो दिनों की मशक्कत के बाद घरों में घुसे मलबे को साफ किया। पंचम वाहिनी के कमांडेंट रंजीत सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी सोनम छैरिंग, उप कमांडेंट राजीव भट्ट के निर्देश पर एसएसबी की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को राशन वितरण भी किया गया।
वर्षा के चलते बाजारों में कम रही भीड़
लोहाघाट (चंपावत)। रविवार की रात से हो रही भारी वर्षा के चलते जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। नदी नाले उफान पर हैं। वर्षा के चलते जहां लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार के अवकाश के बाद स्कूल खुलने पर छोटे छोटे बच्चे छाता के सहारे स्कूल रवाना हुए। मेहनत मजदूरी कर गुजर बसर करने वाले लोगों के लिए लगातार हो रही वर्षा मुसीबत बनी हुई है। वर्षा के चलते बाजारों में अपेक्षाकृत बहुत कम भीड़ रही।