पुजारियों के वीरान गांव खर्राटाक में हाथी की तोड़फोड़ का आलम। संवाद
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। टनकपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर चूका की चढ़ाई लांघकर हाथी पहली बार आबादी विहीन गांव खर्राटाक जा पहुंचा। हाथी ने यहां एक बंद मकान के एक हिस्से में तोड़फोड़ कर काफी नुकसान पहुंचाया है।
नेपाल सीमा से लगे शारदा नदी के किनारे स्थित चूका तक अक्सर हाथी कूच करते हैं लेकिन पहली बार पिछले दो दिनों में हाथी ने यहां पूर्णागिरि मंदिर के पुजारियों के गांव खर्राटाक में दस्तक दी। इस वीरान गांव में ग्रामीण पूजा के दौरान ही आते हैं। मंदिर समिति के सचिव सुरेश तिवारी के पैतृक मकान और पास में ही विधायक निधि से बने दो शौचालयों को हाथी ने नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने नुकसान की वन विभाग को जानकारी दी है।
तेंदुए ने चार बकरियों को मार डाला
चंपावत। चंपावत से 29 किलोमीटर दूर बड़ौली ग्राम पंचायत में दिनदहाड़े तेंदुए की दस्तक से लोग सहमे हुए हैं। महिलाएं घास काटने या बाहर के अन्य कामों के लिए समूह बनाकर जाने के लिए मजबूर हैं। वहीं मंगलवार की रात तेंदुए ने गांव में दो परिवारों की चार बकरियों को मौत के घाट उतार दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित ग्रामीणों को मुआवजा देने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। संवाद