सीज करने से पूर्व चंपावत के एक क्लीनिक के दस्तावेजों का मुआयना करते एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडेय, क?
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चंपावत। जिले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने झोलाछापों पर नकेल कसने के लिए अभियान जारी है। बुधवार को जिला मुख्यालय में दो क्लीनिकों को नियम विरुद्ध पाते हुए सील कर दिया गया। इसमें से एक क्लीनिक में तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मरीजों का इलाज करते पाया गया।
चंपावत मुख्य बाजार में स्थित चौहान क्लीनिक के निरीक्षण में पाया गया कि यहां बिना लाइसेंस और डाक्टर की मौजूदगी के मरीजों का इलाज हो रहा था। बताया गया कि क्लीनिक में पिछले तीन माह से डाक्टर नहीं है और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मरीजों का इलाज कर रहा था। वहीं गोपाल दिनकर क्लीनिक में होलसेल दवाओं के लाइसेंस की आड़ में मरीजों के उपचार के साथ ड्रेसिंग की भी की जा रही थी। दोनों क्लीनिक में कोविड-19 के नियमों का भी उल्लंघन किया जा रहा था। चिकित्सा उपकरणों को सैनिटाइज नहीं किया गया था तथा सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
एसीएमओ डा.इंद्रजीत पांडेय ने बताया कि दोनों क्लीनिक मानकों के अनुसार संचालित नहीं किए जा रहे थे और कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। जिस कारण दोनों क्लीनिक को सील किया गया है। बताते चलें कि जिले में 44 क्लीनिक का विधिवत संचालन किया जा रहा है। इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने पाटी ब्लॉक और लोहाघाट में नियम विरूद्ध चल रहे तीन क्लीनिक और टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में छह क्लीनिक सील किए जा चुके हैं। छापेमारी अभियान में एसडीएम अनिल गर्ब्याल, सीओ ध्यान सिंह, कोतवाल धर्मवीर सिंह सोलंकी, राजस्व निरीक्षक राजीव मेहरा आदि शामिल रहे।