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उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर में फिर खनन की कोशिश से बवाल

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रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत उचौलीगोठ के 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र में ठेकेदार की ओर से फिर खनन शुरू करने की कोशिश से बवाल खड़ा हो गया। भड़के ग्रामीणों ने खनन करने पहुंचे ठेकेदार के आदमियों को खदेड़ा। इस दौरान धक्का-मुक्की की भी हुई। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से भी ग्रामीणों की तीखी नोंकझोंक हुई। ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि गांवों की सुरक्षा को ताक में रख किसी सूरत में खनन नहीं होने दिया जाएगा।
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उचौलीगोठ के 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र में खनन का विवाद लंबे समय से चल रहा है। रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत ठेका आवंटित होने के बाद से ही ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार की ओर से लगातार खनन शुरू कराने की कोशिश हो रही है। बृहस्पतिवार को ठेकेदार ने फिर जेसीबी मशीन और डंपर भेज खनन कराने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण विरोध में खड़े हो गए।
खनन कराने पहुंचे लोगों और ग्रामीणों तू-तू मै-मै के साथ ही धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। सूचना पर नायब तहसीलदार पिंकी आर्या पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अड़े रहे। उनका कहना है कि खनन से गांवों की सुरक्षा को खतरा पैदा होगा, लेकिन गांवों की सुरक्षा को ताक में रख कर बार-बार खनन शुरू कराने की कोशिश कर उनके सब्र की परीक्षा ली जा रही है। उन्होंने कहा कि खनन से पहले गांवों की सुरक्षा के इंतजाम किए जाए।
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खनन का विरोध करने वालों में ये थे शामिल
उचौलीगोठ के समाजसेवी गणेश सिंह महर, नरेश सकारी की अगुवाई में खनन का विरोध करने वालों में ग्राम प्रधान पूजा महर, देवेंद्र सामंत, हेम जोशी, विनोद महर, त्रिलोक सिंह, तान सिंह, हुकुम सिंह समेत काफी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
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