परिवहन निगम संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के विरोध में और नई बसों में आई तकनीकी खराबी से हुई क्षति की पूर्ति टाटा कंपनी से वसूलने समेत विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले टनकपुर रीजन के रोडवेज कर्मचारी सड़क पर उतर आए।
उन्होंने मंडलीय प्रबंधक संचालन के कार्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया। उन्होंने 20 दिसंबर के सचिवालय कूच को एकजुटता के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया है।
मंगलवार को कर्मचारी नेता राजेंद्र सिंह मलिक के नेेतृत्व में रोडवेज कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर संगठन कार्यालय में एकत्र हुए। वहां से जुलूस की शक्त में मंडलीय प्रबंधक संचालन कार्यालय परिसर में पहुंच धरने पर बैठ गए।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार निगम की संपत्तियों का अधिग्रहण कर रही है लेकिन इसके एवज में निगम को किसी तरह का लाभ नहीं दिया जा रहा है। कहा कि सरकार और निगम प्रबंधन मिलकर निगम की माली हालत बिगाड़ने पर तुले हैं जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि टाटा कंपनी से खरीदी गई डेढ़ सौ नई बसों में तकनीकी खामियों से निगम काफी नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई टाटा कंपनी से वसूली जानी चाहिए। कर्मचारी नेताओं ने निगम का अस्तित्व बचाने के लिए कर्मचारियों से एकजुटता के साथ आंदोलन के तीसरे चरण में 20 दिसंबर को सचिवालय कूच में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया।
ये हैं संगठन की प्रमुख मांगें
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने परिवहन निगम की संपत्तियों को खुर्द-बुर्द न करने, राज्य कर्मचारियों की भांति आवास भत्ता देने, हर माह के प्रथम सप्ताह में वेतन का भुगतान करने, संविदा व विशेष श्रेणी कर्मचारियों को नियमित करने, मृतक आश्रितों को नौकरी देने समेत कई प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन की राह पकड़ी है।
प्रदर्शन में ये कर्मचारी थे शामिल
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के धरना-प्रदर्शन में एलडी शर्मा, राजकिशोर शुक्ला, इंद्र सिंह बिष्ट बलदेव प्रसाद, भुवन पांडेय, तेजवीर सिंह, विनोद नोटियाल, रेवाधर चौड़ाकोटी, दिनेश भट्ट, संजीव कुमार, नरेंद्र तिवारी, जगवीर सिंह, गंगाराम, मुखत्यार सिंह, भूपराम, बृजलाल, आईडी त्रिपाठी समेत टनकपुर, लोहाघाट और पिथौरागढ़ डिपो के काफी संख्या में कर्मचारी शामिल थे।