लोहाघाट (चंपावत)। गर्मी बढ़ने के साथ नगर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। नगर के लोगों को तीसरे या चौथे दिन नलों से पानी मिल पा रहा है। लोगों पूरी तरह नौलों, धारों, हैंडपंपों पर निर्भर हैं। नगर के लिए बनाई गई चार पेयजल योजनाओं से मांग के अनुरूप मात्र 21 फीसदी पानी मिल पा रहा है।
पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा का कहना है कि नगर के सभी सातों वार्डों के लोगों को सप्ताह में मात्र दो दिन ही पानी मिल पा रहा है। जल संस्थान की ओर से 20 से 30 मिनट पानी की आपूर्ति की जा रही है। लोगों को एक कनेक्शन में अधिकतम 100 लीटर भी पानी नहीं मिल रहा है जिससे लोग नगर में लगे सोलर हैंडपंपों, नौलों, नर्सरी गधेरे, अक्कल धारे, शिवालय स्टैंड पोस्ट से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि लोहाघाट नगर में साल भर पानी की परेशानी रहती है। बारिश के समय भी लोगों को रोज पानी नहीं मिल पाता है। इससे समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। नगर के लोगों की प्यास बुझाने का एकमात्र विकल्प सरयू लिफ्ट पेयजल योजना है। इसके लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा है।
कोट
लोहाघाट नगर के लिए पेयजल की आपूर्ति के लिए जल संस्थान ने चार पेयजल योजनाएं बनाई हैं। लोहाघाट नगर के लिए प्रतिदिन 2160 केएल पानी की जरूरत है लेकिन मांग के अनुरूप मात्र 470 केएल पानी ही मिल पा रहा है। चौड़ी लिफ्ट पेयजल योजना से 400 केएल, फोर्ती योजना से 25, बनस्वाड़ से 25 और ऋषेश्वर नलकूप से 20 केएल पानी प्रतिदिन मिल रहा है। पेयजल आपूर्ति के लिए किराए के चार पिकअप टैंकर और दो विभागीय टैंकर लगाए गए हैं। इनसे प्रतिदिन 45 केएल पानी मेन टैंक में डाला जा रहा है। पवन बिष्ट, सहायक अभियंता, लोहाघाट।